Oct १२, २०२१ १६:०३ Asia/Kolkata

ईंधन और इससे पैदा होने वाली नाराज़गी सहित कुछ चीज़ों की कमी और मंहगाई के समय ब्रिटिश प्रधानमंत्री के स्पेन की मनोरंजन यात्रा की वजह से ब्रिटेन के कुछ राजनैतिक और मीडिया हल्क़ों ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

इंडीपेंडेंट समाचार पत्र इस बारे में लिखता है कि देश को संकट का सामना है और सरकार हाथ पर हाथ रखे बैठी है और कुछ नहीं कर रही है। कोविड-19 के मरीज़ों की संख्या में वृद्धि और कोरोना से होने वाली लगातार मौतों की वजह से भी लोग सरकार के क्रियाकलापों की आलोचना कर रहे हैं, सिर्फ़ हालिया एक महीने के भीतर ब्रिटेन में कोविड-19 के मरीज़ों की संख्या दस लाख से अधिक हो गयी है जबकि हालिया एक महीने में लगभग चार हज़ार कोरोना के मरीज़ों की मौत हो चुकी है। इस स्थिति ने सबसे अधिक कोरोना से संक्रमित होने वाले दुनिया के देशों में चौथे स्थान पर पहुंचा दिया है।

अफ़ग़ानिस्तान में सरकार के क्रियाकलाप और सऊदी अरब को हथियारों की बिक्री जारी रहने की वजह से भी लोग सरकार से नाराज़ नज़र आ रहे हैं.. मानवाधिकार की एक महिला कार्यकर्ता का इस बारे में कहना है कि अफ़ग़ानिस्तान से बेइज़्ज़त होकर हमारे निकलने ने पूरी दुनिया पर यह स्पष्ट कर दिया कि अफ़गानिस्तान पर हमले के समय इस देश की जनता से जो ही वादे किए गये थे, उनमें से किसी पर भी अमल नहीं किया गया ब्रिटेन के एक नागरिक का कहना है कि हमारी सरकार अतीत की घटनाओं से पाठ सीखने के बजाए, उन सरकार को बड़ी संख्या में हथियार और गोले बारूद बेचने में लगी हुई है जो अपनी जनता का दमन कर रहे हैं या दूसरे देशों पर हमले कर रहे हैं, हम सरकार के ख़िलाफ़ शांति और न्याय की मांग करते हैं न कि जनसंहार की।

यूगाव संस्था की ओर से कराए गये नये सर्वेक्षण में शामिल 53 प्रतिशत लोगों का कहना है कि सरकार आर्थिक क्षेत्र में सही से काम नहीं कर रही है और केवल 26 प्रतिशत लोगों का कहना है कि आर्थिक क्षेत्र में सरकार का क्रियाकलाप सफल रहा है, ब्रिटेन की सत्तासीन पार्टी की सरकार के क्रियालाप से लोगों की नाराज़गी की वजह से कन्ज़रवेटिव पार्टी की पोज़ीशन काफ़ी कमज़ोर हो गयी है और जब से यह पार्टी सत्ता में आई है तब से लेकर अब तक इस पार्टी की लोकप्रियता अपनी सबसे निचले स्तर पर पहुंच गयी है। (AK)

 

 

 

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