Oct १४, २०२१ १८:१९ Asia/Kolkata

दोनों कोरियाओं के बीच एक अपात टेलीफ़ोन लाइन है....इसलिए कि छोटी सी ग़लतफ़हमी की वजह से बड़ी जंग न होने पाए।...यह तब है कि दोनों कोरियाओं के बीच हुई जंग के बाद संधि का कोई समझौता नहीं हुआ।

वैसे बीते बरसों में यह अपात फ़ोन लाइन कई बार कटी और फिर बहाल हुई। कुछ समय पहले दक्षिणी कोरिया ने उत्तरी कोरिया के भीतर एक तहरीर के साथ बलून भेजा और फिर उत्तरी कोरिया ने टेलीफ़ोनिक संपर्क के लिए बनाई गई इमारत को ही ध्वस्त कर दिया।....अब उत्तरी कोरिया के लीडर किम जोंग उन ने जिनका वज़न बीस किलोग्राम घट गया है दक्षिणी कोरिया को संदेश दिया है कि हाट लाइन संपर्क दोबारा बहाल कर दिया जाए। लेकिए सियोल को याद रखना चाहिए कि तनाव की जड़ अमरीका है।

......यह संदेश शायद महत्वपूर्ण था क्योंकि इसके बाद अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडन वार्ता और डिप्लोमेसी के बारे में सोचने लगे हैं।... लेकिन किम जोंग उन का पिछले अमरीकी कूटनैतिक प्रयासों के बारे में अच्छा अनुभव नहीं है। न्यूयार्क स्थित टीकाकार डान क्वालिक कहते हैं....अमरीका के इंटरनैश्नल रिलेशंस विषय के प्रोफ़ेसर की हैसियत से मेरा मानना है कि अमरीकी डिप्लोमेसी की मीठी बातें तो करता है लेकिन ज़बरदस्ती अपनी बात थोपने की कोशिश करता है और अपने राजनैतिक और आर्थिक हितों के मुताबिक़ दुनिया के विभिन्न हिस्सों में तनाव को हवा देता है। अब चीन और अमरीका के बीच तनातनी बढ़ी है तो निश्चित रूप से कोरिया प्रायद्वीप में भी तनाव बढ़ेगा।

अमरीका और दक्षिणी कोरिया का संयुक्त सैन्य अभ्यास और उत्तरी कोरिया का मिसाइल परीक्षण और फिर इन्हीं घटनाओं की समीक्षा सुरक्षा परिषद के एजेंडे में शामिल होगी। न्यूयार्क में संयुक्त राष्ट्र संघ सुरक्षा परिषद की इमारत से आईआईरआईबी के लिए कामरान नजफ़ज़ादे की रिपोर्ट

 

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