Oct १९, २०२१ १३:५० Asia/Kolkata

हाल ही में चीन में होने वाली मरदुम शुमारी में देश में तेज़ी से घटती जनसंख्या पर चिंता जताई गई है और जवानों की शादी, जन्म दर में गिरावट और आबादी के बूढ़ा होने जैसे मुद्दों पर ध्यान देने का आहवान किया गया है...

ख़र्चे बहुत ज़्यादा हैं, अगर शादी का ख़र्च कम हो जाएगा तो ज़्यादा संख्या में युवा शादी पर ध्यान देंगे, लेकिन ज़िंदगी भर ज़्यादा ख़र्चों पर कंट्रोल करना होगा।

चीन की सरकार इस प्रक्रिया में बदलाव का प्रयास कर रही है, ताकि शादी में होने वाले ख़र्चों में कटौती कर सके और शादी की उम्र में वृद्धि और जन्म दर में गिरावट जैसी समस्याओं से निपट सके।

... युवाओं को अपनी अपेक्षाओं में कमी करनी चाहिए, युवाओं की देर से शादी के विभिन्न कारण हो सकते हैं, लेकिन उनके लिए भूमि प्रशस्त की जानी चाहिए, ताकि युवाओं की समस्याओं का समाधान हो सके। बीजिंग सरकार भारी ख़र्चों और बेहूदा रीति-रिवाजों में सुधार करके समाज में शादी की प्रक्रिया को आसान बनाना चाहती है।

... विवाहित जीवन के बारे में हम चीनियों का दृष्टिकोण काफ़ी मज़बूत है, हमें उम्मीद है कि अगली नस्ल का तत्काल रूप से समर्थन किया जाएगा, ताकि वे परिवार का गठन कर सकें।

विशेषज्ञों का मानना है कि शादी करने और बच्चे पैदा करने के लिए प्रोत्साहित करने वाली योजनाओं को शहरों और गांवों में एक साथ लागू किया जाना चाहिए, ताकि आबादी का संतुलन नहीं बिगड़े और गांवों में रोज़गार के अवसरों में कमी नहीं हो।

चीनी अधिकारियों का मानना है कि शादी के लिए युवाओं के प्रोत्साहन से घटती जनसंख्या पर क़ाबू पाया जा सकता है और इस संकट से देश को बचाया जा सकता है। इसी तरह से सरकार ने जन्म दर में वृद्धि के लिए बच्चों का पालन-पोषण, गर्भावस्था के लिए छुट्टियां और जन्म बीमा जैसी प्रोत्साहन करने वाली योजनाओं की शुरूआत की है। ताकि इस तरह से देश में जनसंख्या में संतुलन स्थापित किया जा सके।

मोहम्मद रज़ा ख़ालिक़ वेर्दी, आईआरआईबी, बीजिंग          

टैग्स