Oct २१, २०२१ १८:२२ Asia/Kolkata

कबाला तुर्क सरकार के विरोधी हैं, 10 साल पहले गेज़ी पार्क में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बाद उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया था। ज़मान के बाद फिर से उन्हें तख़्तापलट की नाकाम कोशिश के बाद जेल में डाल दिया गया, और उनके ख़िलाफ़ अदालती कार्यवाही जारी है। एक राजनीतिक क़ैदी कबाला के समर्थन पर आपत्ति जताते हुए तुर्क विदेश मंत्रालय ने एक साथ 10 अमरीकी और यूरोपीय देशों के राजदूतों को तलब किया है।

10 तो कुछ भी नहीं हैं, अगर तुम 100 भी मिलकर कोशिश करोगे तो तुर्की के ख़िलाफ़ कुछ नहीं कर सकोगे। ... इसी के साथ यूरोपीय संघ कमीशन ने एक कड़ा बयान जारी किया है, जिसमें तुर्की पर मावनाधिकारों के हनन, राष्ट्रपति के अधिकारों में अत्यधिक वृद्धि और लोकतंत्र को कमज़ोर करने का आरोप लगाया गया है।

ब्रसेल्स के इस बयान पर तुर्की ने कड़ी प्रतिक्रिया दिखाई है। ... हम इन तमाम आरोपों को ख़ारिज करते हैं, तुर्की के ख़िलाफ़ यूरोप की दुश्मनी का यह एक और सुबूत है।

तुर्की में सरकार विरोधी भी राष्ट्रपति शासन के बजाए संसदीय प्रणाली व्यवस्था की मांग कर रहे हैं... इस्लामवादी दलों का भी मानना है कि मुस्लिम देश के रूप में तुर्की के लिए यूरोपीय संघ में कोई जगह नहीं है। इसलिए अंकारा को क्षेत्रीय देशों के साथ अच्छे रिश्तों की नीति पर आगे बढ़ना चाहिए। ... हमारे लिए काफ़ी मुश्किल परिस्थितियां उत्पन्न कर दी हैं। जबकि तुर्की को अमरीका और यूरोप की ज़रूरत नहीं है। ...

ऐसा लगता है कि किसी भी शासन व्यवस्था के साथ यूरेशियाई देश के सामने यूरोपीय संघ में शामिल होने की जो चुनौतियां हैं, वह बढ़ती ही जा रही हैं, और पिछले 50 वर्षों के दौरान यूरोपीयों के बंद दरवाज़े के पीछे खड़ा रहा है। हमीद कामेली आईआरआईबी अंकारा    

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