Oct २२, २०२१ ०१:२९ Asia/Kolkata
  • तुर्की ने दस देशों के राजदूतों को निकाल देने की धमकी दी

तुर्की के राष्ट्रपति रजब तय्यब अर्दोग़ान ने एलान किया है कि उन्होंने इस देश के विदेशमंत्रालय से कहा है कि अंकारा दस देशों के राजदूतों को नहीं रख सकता।

कनाडा, फ्रांस, फिनलैंड, डेनमार्क, जर्मनी, हालैंड, न्यूज़ीलैंड, नार्वे, स्वीडेन और अमेरिका ने सोमवार को जारी विज्ञप्ति में तुर्की सरकार का आह्वान किया था कि वह उस्मान कावाला की फाइल की न्यायपूर्ण ढंग से समीक्षा करे।

उस्मान कावाला अंकारा सरकार के विरोधी हैं और वह एक प्रकाशक हैं और चार साल पहले किसी प्रकार का मुकद्दमा चलाये बिना उन्हें जेल में रखा गया था।

तुर्की के राष्ट्रपति ने जारी विज्ञप्ति की प्रतिक्रिया में 10 देशों को संबोधित करते हुए बल देकर कहा कि तुर्की की न्यायपालिका स्वतंत्र है और क्या तुम अपने आपको तुर्की को पाठ देने की जगह पर देख रहे हो।

इसी बीच तुर्की ने मंगलवार को 10 देशों के राजदूतों को तलब किया और उस्मान कावाला की रिहाई हेतु इन देशों की मांग को अस्वीकार कर दिया।

उस्मान कावाला 64 साल के हैं और तुर्की समाज की वह जानी- मानी हस्ती हैं। वर्ष 2013 में उन पर तुर्की की अर्दोग़ान सरकार को अस्थिर करने और वर्ष 2016 में विफल सैन्य विद्रोह में हाथ होने का आरोप लगाया गया। इसी मध्य यूरोपीय संघ परिषद ने भी अभी हाल ही में तुर्की पर प्रतिबंध लगाने की धमकी दी है। MM

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