Nov २१, २०२१ १३:३१ Asia/Kolkata

विश्व भर के विभिन्न देशों में किए गए अध्ययन के मुताबिक़, कोरोना महामारी को रोकने में चीन के कोविड-19 टीकों ने बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और यह कई अन्य रोगों के निंयत्रण में भी प्रभावी रहे हैं।

... कोरोना के डेल्टा जैसे घातक वेरिएंट की रोकथाम के लिए बड़ी संख्या में लोगों का टीकाकरण ज़रूरी है। हर उम्र के लोगों का टीकाकरण होना चाहिए, ताकि वे सुरक्षित रह सकें।

चीनी वैक्सीन का इस्तेमाल करने वाले कुछ देशों के स्वास्थ्य मंत्रालयों की रिपोर्ट के मुताबिक़, यह वैक्सीन इस घातक महामारी की रोकथाम में 84 से 98 प्रतिशत तक प्रभावी रहे हैं।

... यह महामारी अब तक विश्व भर में बड़ी संख्या में लोगों की जान ले चुकी है। लेकिन मौजूदा आंकड़ों के मुताबिक़, जनवरी से लेकर अब तक चीन में इस महामारी के कारण एक भी मौत नहीं हुई है। वैक्सीन शोध में अब चीन दुनिया के कुछ अग्रिम पंक्ति के देशों में से एक है। चीन के वैक्सीन शोध और विकास संस्था के प्रमुख का कहना है कि चीन उन देशों में से है, जिन्होंने महामारी पर क़ाबू पाने के लिए टीकों के उत्पादन में काफ़ी तरक़्क़ी की है। जो शोध हुए हैं, उनसे साबित हो गया है कि चीन के दोनों वैक्सीन सीनोफ़ाम और सीनोवैक्स काफ़ी प्रभावी रहे हैं और शोधकर्ता इसे स्वीकार करते हैं।

... मैंने और मेरे पूरे परिवार ने कोविड-19 के वैक्सीन की डोज़ ली हैं, और यह बहुत अच्छा रहा। ... इस महामारी पर क़ाबू पाने के लिए दुनिया भर के सभी लोगों को टीका लगवाना होगा।

स्वास्थ्य प्रोटोकोल का पालन करके और लोगों का टीकाकरण करके चीन उन देशों में से एक है, जिन्होंने इस महामारी को अच्छी तरह से कंट्रोल किया है। चीन अब तक 200 देशों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को कोरोना वैक्सीन की आपूर्ति कर चुका है, इन सभी देशों ने चीनी वैक्सीन पर भरोसा जताया है।

मोहम्मद रज़ा ख़ालिक़वेर्दी, आईआरआईजीसी, बीजिंग

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