Nov २२, २०२१ १५:०३ Asia/Kolkata

रूस और बहुत से यूरोपीय देशों में कोरोना वायरस बुरी तरह से तबाही फैलाए हुए है और प्रतिदिन 100 लोग अपनी जान से हाथ धो रहे हैं,

रूस के स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपने नागरिको को कोरोना वैक्सीन लगवाने पर राज़ी करने के लिए इतिहास का सहारा लिया है और वायरस के साथ जीवन नामक एक प्रदर्शनी का आयोजन किया कि किस तरह इतिहास में लाखों लोग महामारी, प्लेग और अनेक तरह की बीमारियों की वजह से अपनी जान से हाथ धो बैठे.....इस प्रदर्शनी की आयोजनकर्ता एक महिला का कहना है कि यह इतिहास के वह मशहूर लोग हैं जो महामारी का शिकार हुए हैं... यह भयावह मूर्ती पहली नज़र में यमराज की लगती है लेकिन यह भी उस समय के मास्क और चिकित्सकों का कपड़ा पहने नज़र आ रही है... यह मूर्ती लोगों को डराने के लिए नहीं है, बल्कि वास्तव में महामारी से बचने के लिए उस काल के चिकित्सकों का कपड़ा है... प्रदर्शनी देखने वाले जैसे ही दूसरे हॉल में जाते हैं तो उन्हें विभिन्न प्रकार के वायरसों और उनके बारे में जानकारी प्राप्त होती है लेकिन जैसे ही वह तीसरे हॉल में जाते हैं तो उनको सामने उम्मीद की किरण नज़र आती है... यहां पर वायरस से मुक़ाबले का तरीक़ा सिखाया जाता है....प्रदर्शनी के चौथे हॉल का नाम मीडिया और वायरस है.... यहां पर महामारी के समय विभिन्न चैनलों से प्रसारित होने वाली ख़बरों को दिखाया जा रहा है, यह कोरोना वायरस का ख़तरनाक रूप है, यह वह ख़तरनाक वायरस है जिसने पूरी दुनिया में लाखों लोगों को मौत के घाट उतार दिया और अब भी उसकी क्रूरता और ख़तरा बाक़ी है, सैयद अली दाराबी आईआरआईबी न्यूज़ मास्को

 

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