Nov २७, २०२१ २०:२५ Asia/Kolkata
  • एकपक्षीय प्रतिबंध लगाने वालों के ख़िलाफ़ एक मंच पर आए भारत, चीन और रूस

भारत, चीन और रूस के विदेशमंत्रियों ने एक बयान में यूरोप और अमरीका की ओर से उनकी नीतियो का विरोध करने वाले देशों के विरुद्ध एकपक्षीय रूप से प्रतिबंध लगाए जाने की कड़े शब्दों में निंदा की है।  

भारत के विदेशमंत्री एस जयशंकर, चीन के विदेशमंत्री वांग यी और रूस के विदेशमंत्री सर्गेई लावरोफ़ ने शुक्रवार की शाम अपनी आन लाइन बैठक की समाप्ति पर एक बयान जारी किया जिसमें यूरोप और अमरीका की ओर से अपने विरोधी देशों के विरुद्ध एकपक्षीय रूप से लगाए जाने वाले प्रतिबंधों की कड़े शब्दों में आलोचना की गयी।

तीनों देशों के विदेशमंत्रियों के बयान में कहा गया है कि एकपक्षीय रूप से लगाए जाने वाले प्रतिबंधों से न केवल देशों को निशाना बनाया जाता है बल्कि इन प्रतिबंधों से आर्थिक व व्यापरिक सहयोग पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ते हैं।

भारत, चीन और रूस के विदेशमंत्रियों ने अपने संयुक्त अयान में कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघय की सुरक्षा परिषद की ओर से लगाए गये प्रतिबंधकों को छोड़कर एकपक्षीय रूप से लगाए जाने वाले प्रतिबंध, अंतर्राष्ट्रीय नियमों और सिद्धांतों के विरुद्ध हैं।

संयुक्त बयान में कहा गया है कि इस प्रकार की कार्यवाही से संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरका परिषद की व्यवस्था कमज़ोर और अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक व व्यापारिक सहयोग की प्रक्रिया भी बुरी तरह प्रभावित होती है।

ईरान, चीन और रूस के विदेशमंत्रियों के संयुक्त बयान में आया है कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक क्षेत्रों में विकासशील देशों की हर संयुक्त कार्यवाही बहुत ही असमान्य है। तीन देशों के विदेशमंत्रियों ने इसी प्रकार अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता पर बल दिया।

ज्ञात रहे कि आरआईसी नामक भारत, रूस और चीन के विदेशमंत्रियों की 18वीं बैठक जो आन लाइन हुई, भारत की अध्यक्षता में आयोजित हुई।

इन तीनों देशों की अगली बैठक 2020 में चीन की अध्यक्षता में होगी। (AK)

 

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