Dec ०५, २०२१ ०९:४० Asia/Kolkata
  • नहीं मान रहा है इस्राईल, अपने ही मालिकों को नहीं छोड़ा, आईफ़ोन की सेक्युरिटी भी ख़तरे में...

इस्राईल की एनएसओ ग्रुप कंपनी द्वारा तैयार स्पायवेयर पेगासस का इस्तेमाल कर अमरीकी विदेशी विभाग के कम से कम नौ कर्मचारियों के आईफ़ोन हैक करने का मामला सामने आया है।

दो सूत्रों के अनुसार यह हैकिंग पिछले कई महीनों में हुई और इसके तहत युगांडा स्थित अमरीकी अधिकारियों या युगांडा से संबंधित मामले देख रहे अधिकारियों के आईफ़ोन में सेंधमारी गयी है।

एनएसओ के पेगासस के ज़रिये की गई इस हैकिंग को अमरीकी अधिकारियों की सबसे बड़ी हैकिंग बताया जा रहा है। इससे पहले कुछ अमरीकी अधिकारियों सहित संभावित लक्ष्यों की एक सूची सामने आई थी लेकिन यह स्पष्ट नहीं था कि क्या यह हैकिंग सफल हुई थी या नहीं।

अभी तक यह पता नहीं चल सका कि इस नए साइबर हमले को किसने अंजाम दिया।

एनएसओ समूह ने दो दिसम्बर को जारी बयान में कहा कि ऐसे कोई संकेत नहीं मिले हैं जिससे पता चल सके कि उनके टूल्स (पेगासस) का इस्तेमाल किया गया लेकिन संबंधित एकाउंट रद्द कर दिए गए और इसकी जांच की जाएगी।

एनएसओ प्रवक्ता ने कहा कि अगर हमारी जांच में पता चलेगा कि ये हैकिंग एनएसओ के पेगासस के जरिये हुई तो ऐसे ग्राहकों को स्थाई तौर पर टर्मिनेट कर दिया जाएगा और उनके ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्यवाही की जाएगी।

बयान में कहा गया कि एनएसओ किसी भी संबद्ध सरकारी प्राधिकरण के साथ सहयोग करेगा और पूरी जानकारी साझा करेगा।

वॉशिंगटन में युगांडा दूतावास के अधिकारियों ने इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है। एप्पल के प्रवक्ता ने भी इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

अमरीकी विदेश विभाग के प्रवक्ता ने हैकिंग पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए इशारा किया कि अमरीकी वाणिज्य विभाग ने हाल ही में इस्राईल कंपनी एनएसओ को निषेध सूची में डाल दिया था जिसकी वजह से अमरीकी कंपनियों का उनके साथ कारोबार करना मुश्किल हो गया। (AK)

 

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