Dec ०५, २०२१ २३:३५ Asia/Kolkata
  • शरणार्थियों और राजनीति को अलग-अलग रखा जाएः पोप फ्रांसिस

ईसाइयों के सबसे बड़े धर्मगुरू ने कहा है कि पलायनकर्ताओं को राजनीति के लिए प्रयोग न किया जाए।

पोप फ़्रांसिस ने यूनान के लिसबन द्वीप पर शरणार्थियों में मुलाक़ात में कहा है कि उनको राजनीतिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमान न किया जाए।  उन्होंने अपने इस दौरे में पलायनकर्ताओं के रहने के स्थान की स्थिति पर चिंता जताई।

पोप फ़्रांसिस ने कहा कि पांच साल पहले जब मैं यहां पर आया था तो उस समय से लेकर अबतक कोई विशेष बदलाव नहीं आया। ईसाइयों के वरिष्ठ धर्मगुरू ने जिस शरणार्थी स्थल का दौरा किया वह विगत में सेना का शूटिग स्थल था।  इसका ढांचा बहुत पुराना है।  इसकी दुर्दशा को देखकर पोप ने खेद व्यक्त किया।

सन 2016 में पोप फ़्रांसिस ने पहली बार इस शिविर का दौरा किया था।  जिस शरणार्थी शिविर का पोप ने दौरा किया उसमें लगभग तेइस सौ लोगों को शरण दी गई है किंतु वहां की स्थिति अच्छी नहीं है।

उल्लेखनीय है कि हालिया दिनों में पोलैण्ड और बेलारूस की सीमाओं के बीच बहुत से शरणार्थी फंसे हुए हैं जो यूरोपीय देश जाना चाहते हैं किंतु उनको वहां से आगे नहीं जाने दिया जा रहा है।  कड़ाके की सर्दी में वे पलायनकर्ता बहुत ही विषम परिस्थितियों में जंगलों में रह रहे हैं।  इस मुद्दे को मानवीय संकट के रूप में न लेकर इसका राजनीतिकरण करते हुए हर पक्ष अपने हिसाब से लाभ उठाना चाह रहा है।

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