Jan ०७, २०२२ १४:३१ Asia/Kolkata

....हज़रत फ़ातेमा ज़हरा सलामुल्लाह अलैहा के शहादत दिवस और महान कमांडर जनरल क़ासिम सुलैमानी की बर्सी के अवसर पर आज़रबाइजान गणराज्य में पैग़म्बरे इस्लाम और उनके परिजनों से मुहब्बत करने वाले श्रद्धालुओं की शिरकत से एक कार्यक्रम आयोजित हुआ।

....आज़रबाइजान में इस्लामी गणतंत्र ईरान के राजदूत सैयद अब्बास मूसवी ने कार्यक्रम के मेज़बान के रूप में भाषण देते हुए इस देश के लोगों में पैग़म्बरे इस्लाम और उनके परिजनों के प्रति पायी जाने वाली ख़ास श्रद्धा का उल्लेख करते हुए कहा कि पैग़म्बरे इस्लाम और उनके परजनों के श्रद्धालु हमेशा शांति का संदेश देते हैं। ....एक स्थानीय महिला ने कहा कि हज़रत फ़ातेमा ज़हरा दुनिया की सारी औरतों के लिए एक संपूर्ण आदर्श हैं। उनकी महानता का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि पैग़म्बर ने उन्हें पिता की मां की उपाधि दी।......वह हम सब के लिए आदर्श और नमूना हैं। हम सभी को ख़ास तौर पर इमामे ज़माना को इस शहादत पर संवेदना व्यक्त करते हैं।....राजधानी बाकू के एक बुज़ुर्ग हाजी नूरी ने समारोह में भाषण देते हुए कहा कि इमाम हुसैन के ख़ून की बरकत से आज़रबाइजान शियों की धरती है। यह मुहब्बत बहुत बड़ा तोहफा है जो अल्लाह ने हमे दिया है।

इस कार्यक्रम में जो ईरान के दूतावास की ओर से आयोजित किया गया आज़रबाइजान में ईरान की इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई के उप प्रतिनिधि मीर सलाम ने कहा कि विलायत की राह पर चलना अच्छे अंजाम की गैरेंटी है और हज़रत ज़हरा ने इस मार्ग में अपनी सारी क्षमताएं इस्तेमाल कीं। इस कार्यक्रम में अलहाज सुलैमानी जिन्हें मैं जानता हूं नाम की किताब का अनावरण किया गया।....इस कार्यक्रम में शहीद सुलैमानी से संबंधित चुनिंदा कलाकृतियों को पुरस्कार दिया गया।

बाकू से आईआरआईबी के लिए परवीज़ ग़ेयासी की रिपोर्ट।  

 

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