Jan १५, २०२२ १२:३३ Asia/Kolkata

….रूस के विदेश मंत्री की सालाना प्रेस कान्फ़्रेन्स जो कोरोना महामारी की वजह से फ़िज़िकल और वर्चुअल दोनों रूपों में आयोजित हुई कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर केन्द्रित रही।

रूस और नैटो के बीच जारी तनाव, सुरक्षा और रूस की सीमाओं की ओर नैटो के विस्तार को रोकने के विषय पर वियेना में नाकाम बैठक इसी तरह ईरान के राष्ट्रपति आयतुल्लाह रईसी की प्रस्तावित मास्को यात्रा इनमें मुख्य थे।....आईआरआईबी के पत्रकार के सवाल के जवाब में रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोफ़ ने कहा कि ईरान के राष्ट्रपति रईसी का सफ़र इस दृष्टि से महत्वपूर्ण है कि दोनों देशों के राष्ट्रपतियों की आमने सामने की बातचीत का सिलसिला जो कोरोना की वजह से रुका हुआ था आगे बढ़ेगा और द्विपक्षीय व क्षेत्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय महत्व के कई मुद्दों को एजेंडे में जगह मिलेगी।.....लावरोफ़ ने कहा कि ईरान में नई सरकार बनी है तो एक बार फिर महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होना उचित है। दोनों राष्ट्रपतियों के बीच कई बार टेलीफ़ोनी वार्ताएं हुई हैं लेकिन आमने सामने की वार्ता हमेशा बहुत प्रभावी रहती है। लावरोफ़ ने नैटो के साथ जारी रूस के तनाव पर बोलते हुए कहा कि अमरीका और नैटो की हरकतों पर रूस का संयम समाप्त हो चुका है और अब आगे बढ़ने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि रूस को अपनी सुरक्षा को सुनिश्चित करना अच्छी तरह आता है हम पश्चिम के वादों के इंतेज़ार में नहीं बैठेंगे।...लावरोफ़ ने कहा कि पश्चिम के साथ हमारे संबंध ख़राब हो रहे हैं। पश्चिमी देशों ने नैटो का विस्तार न करने के अपने वादे पर अमल नहीं किया है। नैटो अब भी नए सदस्य शामिल करने पर ज़ोर दे रहा है। सर्गेई लावरोफ़ ने रूस की सीमा के क़रीब अमरीका के नेतृत्व में नैटो की दुश्मनी की गतिविधियों का हवाला देते हुए कहा कि पश्चिमी देशों ने अपने वादों पर अमल नहीं किया है और ज़रूरी है कि संयुक्त राष्ट्र संघ अपनी ज़िम्मेदारी पर अमल करे। मास्को से आईआरआईबी के लिए सैयद अली दाराबी की रिपोर्ट   

 

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