Jan २१, २०२२ २०:३५ Asia/Kolkata
  • नार्वे से आया तालेबान का बुलावा

नार्वे के विदेशमंत्री ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान की चिंताजनक स्थति को देखते हुए तालेबान के साथ वार्ता का फैसला किया गया है।

अंकेनन हाउतफ्लेत ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान की जनता की सहायता के लिए यह ज़रूरी है कि विश्व समुदाय और तालेबान के साथ बैठकर बात की जाए।

शुक्रवार को नार्वे के विदेशमंत्री ने बयान जारी करके कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान की वर्तमान स्थति को लेकर उनका देश बहुत चिंतित है जहां पर लाखों लोग मानवीय संकट के बहुत निकट पहुंच चुके हैं।  नार्वे के विदेशमंत्री के इसी बयान में परिप्रेक्ष्य में तालेबान का एक प्रतिनिधमण्डल इस देश ही यात्रा पर जाएगा।

अफ़ग़ानिस्तान की सत्ता पर क़ब्ज़ा करने के बाद तालेबान के शिष्टमण्डल की यह पहली विदेशी यात्रा होगी।  तालेबान का प्रतिनिधिमण्डल 23 जनवरी से 25 जनवरी तक ओस्लो में रहेगा।  यहां पर तालेबान, नार्वे के अधिकारियों के अतिरिक्त यूरोपीय संघ और अमरीका के अधिकारियों के साथ भी भेंटवार्ता कर सकेंगे।

जबसे तालेबान ने अफ़ग़ानिस्तान की सत्ता संभाली है उस समय से अफ़ग़ानिस्तान के लिए अन्तर्राष्ट्रीय सहायता रुक गई है जो इस देश के बजट के 80 प्रतिशत भाग की पूर्ति करती है।  अमरीका ने भी अफ़ग़ानिस्तना की केन्द्रीय बैंक के साढ़े 9 अरब डाॅलर रोक रखे हैं।

वर्तमान समय में अफ़ग़ानिस्तान में दो करोड़ तीस लाख से अधिक लोगों के सामने भुखमरी का ख़तरा मंडरा रहा है।  संयुक्त राष्ट्रसंघ का कहना है कि अफ़ग़ानिस्तान के हालिया मानवीय संकट का समाधान करने के लिए कम से कम 4 अरब 4 करोड़ डाॅलर की तत्काल ज़रूरत है।

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