May १६, २०२२ ०९:५८ Asia/Kolkata
  • तालिबान द्वारा लड़कियों के स्कूल जाने पर पाबंदी के बाद, अफ़ग़ान परिवार ईरान का रुख़ कर रहे हैं

अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान सरकार की ओर से लड़कियों के स्कूल जाने पर पाबंदी के बाद, ईरान में शरण लेने वाले अफ़ग़ान परिवारों की संख्या बढ़ी है।

अगस्त 2021 में काबुल की सत्ता पर क़ब्ज़ा करने के बाद, तालिबान ने वादा किया था कि मार्च 2022 से लड़कियों को स्कूल जाने की अनुमति दी जाएगी, लेकिन तालिबान अपने वादे से मुकर गए, जिसके बाद कई अफ़ग़ान परिवारों ने ईरान का रुख़ किया है।

इसका मतलब है कि अफ़ग़ानिस्तान में लड़कियों को माध्यमिक विद्यालयों में गए हुए अब आठ महीने से अधिक का समय बीत गया है।

हालांकि तालिबान ने अफ़ग़ान जनता और विश्व समुदाय से यह वादा किया था कि उनकी सरकार लड़कियों की तालीम पर पाबंदी नहीं लगाएगी और 23 मार्च से लड़कियों के स्कूल खोल दिए जायेंगे।

लेकिन जब 23 मार्च को हज़ारों लड़कियां स्कूल पहुंची तो अंतिम क्षण में तालिबान ने अपना फ़ैसला बदल दिया। स्कूलों के बाहर खड़े तालिबान ने लड़कियों को स्कूल में प्रवेश से रोक दिया, जिसके बाद आंखों में आंसू और हाथों में किताबें लिए हुए लड़कियां अपने घरों को वापस लौट गईं।

हेरात प्रांत में एक टीचर निलोफ़र का कहना था कि तालिबान ने लड़कियों को देखते ही कहा कि अपने घरों को वापस जाओ, तुमने अब तक जितना पढ़ लिया, बस वही काफ़ी है। msm

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