May १८, २०२२ १८:४३ Asia/Kolkata

…74 साल पहले 14 मई 1948 को ब्रिटेन की मदद से ज़ायोनियों ने साढ़े सात लाख फ़िलिस्तीनियों यानी दो तिहाई आबादी को विस्थापित करके इस्राईल की स्थापना की।

....इस दिन को नकबा या बदक़िस्मती का दिन कहा जाता है। ब्रिटेन के लोगों को लगता है कि उनकी सरकार ने चूंकि इस्राईल की स्थापना का अपराध किया इसलिए फ़िलिस्तीनियों का समर्थन उनकी ज़िम्मेदारी है।....1948 में बालफ़ौर घोषणापत्र जारी होने के बाद से ही फ़िलिस्तीनियों के ख़िलाफ़ अपराधों का मैदान तैयार हो गया। ब्रिटेन और अमरीका जिन्होंने इस्राईल की स्थापना करवाई उसके सारे अपराधों में भागीदार हैं। बालफौर घोषणापत्र पर हस्ताक्षर ब्रिटेन की एक इमारत के भीतर हुए। अब इमारत दोबारा बन गई है लेकिन हस्ताक्षर की जगह यही है।.....अलजज़ीरा टीवी चैनल की पत्रकार के शव ने जो इस्रराईली अपराधों की ताज़ा शिकार हैं यह साबित कर दिया कि इस्राईल के रूप में भयानक बदक़िस्मती पिछले 74 साल से फ़िलिस्तीनियों के गले पड़ गई है। इन्हीं हालात की वजह से अब सारे फ़िलिस्तीनी एकुजुट हो गए हैं।.....एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि यहां केवल मुसलमान प्रदर्शन के लिए एकत्रित नहीं हुए बल्कि ईसाई, यहूदी और अन्य मत के लोग सभी फ़िलिस्तीनियों के समर्थन के लिए एकत्रित हुए हैं। जो चीज़ साम्राज्यवादी ताक़तों को परेशान कर देती है वह फ़िलिस्तीन का चौतरफ़ा समर्थन है यहां कि ईरान जैसा देश जो शीया बाहुल देश है सुन्नी बाहुल फ़िलिस्तीन का समर्थन करता है। इस्राईल के समर्थक देशों की इच्छा के विपरीत सारे लोग फ़िलिस्तीन की आज़ादी के लिए एकजुट हो गए हैं। इस समय जब बहुत सी अरब सरकारें अपनी सत्ता बचाने के लिए इस्राईल से समझौते करने पर तुली हुई है तो फ़िलिस्तीन की आज़ादी की संभावना पहले से बहुत अधिक बढ़ गई है।.....एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि फ़िलिस्तीन आज़ाद होगा इससमय फ़िलिस्तीन के समर्थन में लाखों लोग सड़कों पर निकल रहे हैं। यहां तक कि अमरीका और ब्रिटेन में भी लोग फ़िलिस्तीन की आज़ादी के लिए काम कर रहे हैं। हालात बदल रहे हैं  और अपार्थाइड ख़त्म होकर रहेगा।.....हर साल दर्जनों समर्थन इस्राईल और उसके अपारथाइड शासन के ख़िलाफ और फ़िलिस्तीनियों और क़ुद्स के समर्थन में होते हैं इनमें क़ुदस दिवस के प्रदर्शन सबसे महत्वपूर्ण हैं।

लंदन से आईआरआईबी के लिए मुजतबा क़ासिमज़ादे की रिपोर्ट   

 

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