May २०, २०२२ १०:०८ Asia/Kolkata
  • रूस से तेल ख़रीदने वाले देशों पर प्रतिबंध लगाने के बारे में सोच रहा है अमरीका, क्या होगी भारत की स्थिति?

अमरीका की ऊर्जा मंत्री जेनीफ़र ग्रानहोल्म ने कहा है कि बाइडन सरकार उन देशों पर प्रतिबंध लगाने की संभावना को ख़ारिज नहीं करती जो रूस से तेल ख़रीद रहे हैं।

भारत भी उन देशों में है जो रूस से वर्तमान हालात में सस्ते दामों पर तेल ख़रीद रहे हैं और अमरीकी चेतावनियों को भी भारत सरकार ख़ारिज कर चुकी है।

अमरीकी ऊर्जा मंत्री ने कहा कि पाबंदियां लगाने पर हम विचार कर सकते हैं लेकिन तेल के बाज़ार पर पड़ने वाले प्रभाव भी हमारे दृष्टिगत हैं।

अमरीका ने ब्रिटेन और कैनेडा के साथ मिलकर रूस के आयल प्रोडक्टस ख़रीदने वाले देशों पर प्रतिबंध लगाने का एलान किया है मगर अब तक अमरीका ने दूसरी श्रेणी के प्रतिबंध नहीं लगाए हैं। ईरान यह प्रतिबंध उन देशों पर लगाता है जो अमरीकी प्रतिबंध का सामना करने वाले किसी देश से सामान ख़रीदते हैं।

ग्रानहोल्म ने वाशिंग्टन में पत्रकारों से कहा कि सरकार इस बारे में फ़ैसले कर रही है।

इस समय भारत और चीन ने रूस से तेल ख़रीदना जारी रखा है और पश्चिमी देशों को लगता है कि इस स्थिति की वजह से रूस के लिए युक्रेन जंग को जारी रखना आसान हो गया है।

भारत ने अप्रैल महीने में रूस से तेल का आयात कई गुना बढ़ा दिया था। मार्च में भारत ने रूस से रोज़ाना 66 हज़ार बैरल तेल का आयात किया था जबकि अप्रैल में यह मात्रा बढ़कर 2 लाख 77 हज़ार बैरल प्रतिदिन हो गई। चीन भी रूस से बहुत बड़ी मात्रा में तेल ख़रीद रहा है।

जब दूसरी श्रेणी के प्रतिबंधों की संभावना के बारे में सवाल किया गया तो अमरीकी ऊर्जा मंत्री ने कहा कि इसकी संभावना को ख़ारिज नहीं किया जा सकता।

इस समय चूंकि दुनिया में तेल की मंडियों में क़ीमतें बढ़ी हुई है इसलिए अमरीका को डर है कि कठोर आर्थिक क़दम उठाने से तेल की क़ीमतें और भी बढ़ सकती है जिनका दुनिया के अनेक देशों की अर्थ व्यवस्था पर गहरा असर पड़ेगा।

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