May २२, २०२२ १६:४९ Asia/Kolkata
  • यूक्रेन ने युद्धविराम की पेशकश को ठुकराया, आख़िर कीएफ़ का रिमोट कंट्रोल किसके हाथों में?

यूक्रेन ने रूस के साथ युद्धविराम की पेशकश को ख़ारिज कर दिया है। साथ ही कीएफ़ ने दोनों देशों के बीच जारी शांति वार्ता के लिए भी शर्त रख दी है।

प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक़, यूक्रेन के राष्ट्रपति के सलाहकार मिख़ाइलओफ़ पोडोलीक ने रूस के साथ युद्धविराम की यूरोप की पेशकश को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि युद्धविराम रूस के हित में है क्योंकि रूसी सैनिक क़ब्ज़े वाले क्षेत्रों में मौजूद हैं और जब तक रूसी सैनिक यूक्रेन की सीमा से बाहर नहीं जाते हैं तबतक बातचीत करने से कोई फ़ायदा नहीं है। मिख़ाइलओफ़ ने कहा कि रूस को इस युद्ध में अपनी हार स्वीकार कर लेनी चाहिए। यूक्रेनी राष्ट्रपति के सलाहकार ने दावा किया कि रूस को रियायतें देने से उलटे प्रभाव पड़ेंगे, क्योंकि युद्ध में एक छोटे से ब्रेक के बाद मास्को अधिक तीव्रता के साथ हमले शुरू करेगा।

यूक्रेन में जारी युद्ध के दृश्य

दूसरी ओर, कुछ मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि यूक्रेनी सरकार विदेशी जहाज़ों को ओडेसा बंदरगाह से बाहर जाने की अनुमति नहीं दे रही है। रिपोर्ट के अनुसार यूक्रेनी सेना विदेशी जहाज़ों को अपने सैनिकों के लिए ढाल के रूप में इस्तेमाल करना चाहती है। इस बीच, शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ के उच्चायुक्त ने कहा है कि 87 दिनों से जारी युद्ध के परिणामस्वरूप यूक्रेन की एक तिहाई से अधिक आबादी अपने घर-भार को लिए मजबूर हो गई है। यूएनएचसीआर के मुताबिक़, युद्ध की शुरुआत के बाद से, 1 करोड़ 40 लाख यूक्रेनियन विस्थापित हुए हैं, जिनमें से 80 लाख से अधिक एक शहर से दूसरे शहर और पड़ोसी देशों में शरण लेने के लिए भटक रहे हैं। टीकाकारों का कहना है कि ऐसी भीषण स्थिति में अगर यूक्रेन युद्धविराम के लिए गंभीर नहीं है तो इससे लगता है कि यूक्रेन युद्ध की कमान कीएफ़ के हाथों नहीं है बल्कि इस युद्ध को कहीं और से संचालित किया जा रहा है। (RZ)

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