May २३, २०२२ २०:३८ Asia/Kolkata
  • दुनिया को करना पड़ सकता है गंभीर खाद्य संकट का सामनाःपुतीन

विलादिमीर पुतीन ने यह बात स्वीकार की है कि दुनिया को खाद्य संकट का सामना करना पड़ सकता है।

रूस के राष्ट्रपति भवन की ओर से एलान किया गया है कि निःसन्देह, माॅस्को विश्व में अनाज के बड़े निर्यातकों में से एक है।  इस बयान के अनुसार इसके बावजूद हमारा मानना है कि विश्व को अनाज की कमी का सामना हो सकता है।

संयुक्त राष्ट्रसंघ की ओर से दुनिया में ग़ल्ले के संकट की चेतावनी के संदर्भ में रूसी राष्ट्रपति भवन ने एलान किया है कि राष्ट्रपति विलादिमीर पुतीन भी राष्ट्रसंघ के इस दृष्टिकोण का समर्थन करते हैं कि विश्व को भविष्य में अनाज के गंभीर संकट का सामना करना पड़ सकता है।

ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार पिछले दो महीनों के दौरान गेहूं की क़ीमत बहुत तेज़ी से बढ़ी है।  इसका एक कारण यह है कि रूस, भारत और क़ज़ाक़िस्तान सहित विश्व के गेहूं के बड़े निर्यातक देशों ने अपने आंतरिक बाज़ारों में स्थिरता को बनाए रखने के उद्देश्य से गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है।

रूस के विरुद्ध कड़े प्रतिबंधों के कारण अन्तर्राष्ट्रीय कंपनियों को रूस से व्यापारिक संबन्ध विच्छेद करने पड़े हैं।  इसी वजह से पूरी दुनिया में गेहूं की आपूर्ति बाधित हो रही है।  विश्व में ग़ल्ले के निर्यात करने वाले महत्वपूर्ण देशों में यूक्रेन भी शामिल है।

विश्व की गेहू और मकई की मांग की 12 से 17 प्रतिशत की आपूर्ति यूक्रेन करता आया है।  यूक्रेन युद्ध के बाद वहां से निर्यात की जाने वाल चीज़ों में कमी आई है।  यही वजह है कि यूक्रेन युद्ध के आरंभ होने के बाद विश्व की मंडियों में गेहूं की क़ीमत में लगातार वृद्धि हो रही है जिसने पूरे विश्व के लिए चिंता उत्पन्न कर दी है।

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