May २७, २०२२ १८:२० Asia/Kolkata
  • 15 साल बाद चीन और रूस ने दिखाई अमरीका और पश्चिम को अपनी ताक़त

चीन और रूस ने 15 साल बाद वीटो का अधिकार प्रयोग करते हुए उत्तरी कोरिया के विरुद्ध नये अमरीकी प्रतिबंधों के प्रस्ताव को वीटो कर दिया है।

ईरान प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार अमरीका की ओर से उत्तरी कोरिया पर नये प्रतिबंध लगाने के प्रस्ताव को चीन और रूस ने वीटो कर दिया। अमरीका ने नये बैलेस्टिक मीज़ाइल परीक्षण को बहाना बनाकर उत्तरी कोरिया को तेल की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव सुरक्षा परिषद में पेश किया था जहां 13 सदस्यों ने अमरीका प्रस्ताव का समर्थन किया था।

स्थाई सदस्यों की ओर से वीटो का हक़ 15 साल बाद प्रयोग किया गया है। सुरक्षा परिषद के स्थाई सदस्यों की ओर से आख़िरी बार किसी प्रस्ताव को 2006 में वीटो किया गया था।

सुरक्षा परिषद के स्थाई सदस्यों में अमरीका, रूस, चीन, ब्रिटेन और फ़्रांस शामिल हैं।

ज्ञात रहे कि अमरीकी धमकियों की अनदेखी करते हुए उत्तरी कोरिया ने इस साल रिकार्ड संख्या में मीज़ाइल लांच किए जिनकी संख्या 16 बताई जाती है। इन परीक्षणों में 2017 में बैलेस्टिक मीज़ाइलों का सबसे बड़ा परीक्षण भी शामिल है।

अमरीकी सैन्य कमान्डस ने कहा है कि वह उत्तरी कोरिया की अनेक बैलेस्टिक मीज़ाइलों के परीक्षण से अवगत है और उसका जाएज़ा ले रहा है। (AK)

 

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