Aug १४, २०२२ १७:३२ Asia/Kolkata

ब्रिटेन के रक्षामंत्री ने स्वीकार किया है कि अफ़ग़ानिस्तान में पश्चिमी नीतियाों की पराजय हुई है।

अफ़ग़ानिस्तान से अमरीका और उसके घटकों की लज्जाजनक वापसी की बरसी के अवसर पर बेन वैलेस ने यह बात कही है।

ब्रिटेन के रक्षामंत्री ने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान में मारे गए सैनिकों केे परिजन अब यह सोच रहे हैं कि उनके बच्चे अकारण मारे गए।  ब्रिटेन के भूतपूर्व प्रधानमंत्री टोली ब्लेयर भी अफ़ग़ानिस्तान से अमरीकी सैनिकों की वापसी को ग़ैर ज़रूरी और ख़तरनाक बता चुके हैं।

ग्यारह सितंबर दो हज़ार एक की घटना के बाद अपनी हस्तक्षेपपूर्ण नीति को जस्टीफाई करने के उद्देश्य से अमरीका ने आतंकवाद के विरुद्ध संघर्ष को बहाना बनाया।  इसके अन्तर्गत उसने अलक़ाएदा से मुक़ाबला और अफ़ग़ानिस्तान से तालेबान की सत्ता को समाप्त करने का फैसला किया।  इसी नीति के अन्तर्गत अमरीकी सैनिक सन दो हज़ार एक से अफ़ग़ानिस्तान की सुरक्षा, वहां पर लोकतंत्र की बहाली और आतंकवाद के विरुद्ध संघर्ष के बहाने इस देश में विराजमान हो गए। 

अफ़ग़ानिस्तान में 20 वर्षों की अपनी सैन्य उपस्थिति के बाद जो बाइडने के आदेश पर अमरीकी सैनिकों ने 2021 में इस देश को छोड़ दिया।  बिना किसी पूर्व योजना के अफ़ग़ानिस्तान से अमरीकी सैनिकों की वापसी पर अमरीका की विश्व स्तर पर कड़ी आलोचना हुई विशेषकर इसलिए कि तालेबान ने फिर से अफ़ग़ानिस्तान की सत्ता पर क़ब्ज़ा कर लिया।

अफ़ग़ानिस्ताान में 20 वर्षों की अपनी उपस्थिति के दौरान अमरीका लगातार मानवाधिकारों, महिलाओं के अधिकारों, बाल अधिकारों और अल्पसांख्यकों के अधिकारों की सुरक्षा के नारों के साथ ही साथ इस देश में शांति की स्थापना पर भी बल देता आया है।  अफ़ग़ानिस्तान में अमरीका की उपस्थति के दौरान वहां पर 17 से 40 प्रतशित तक मादक पदार्थों के उत्पादन में वृद्धि हुई है।

अब अमरीका को अफ़ग़ानिस्तान से वापस गए हुए लगभग एक वर्ष का समय गुज़र रहा है किंतु वहां की स्थति अबतक सामान्य नहीं हो पाई है।  राष्ट्रसंघ ने घोषणा की है कि अफ़ग़ानिस्तान में ढाई करोड़ से अधिक लोग निर्धन्ता में जीवन गुज़ार रहे हैं। अफ़ग़ानिस्तान से अमरीकी सैनिकों की वापसी की आलोचना शायद इसीलिए अबतक की जा रही है।

जानकारों का कहना है कि अमरीका की ओर से अफ़ग़ानिस्तान का अतिग्रहण वहां पर जनसंहार, विनाश, आतंकवाद के विस्तार, मादक पदार्थों की तस्करी में तेज़ी और निर्धन्ता का कारण बना।  दूसरी ओर वहां पर अमरीका तथा उसके घटकों की उपस्थति से जहां एक ओर गठबंधन ने बेहिसाब पैसा ख़र्च किया वहीं पर अकारण बहुत बड़ी संख्या में उसके सैनिक मारे गए।  ब्रिटेन के पूर्व रक्षामंत्री फिलिप हैमंड ने अभी हाल ही में इन परिस्थतियों की तुलना वियतनाम से करते हुए कहा है कि हमें यहां पर पुनः वियतनाम का अनुभव हुआ है।

अफ़ग़ानिस्तान में जो कुछ हुआ उसके बारे में अहमद वली मसूद कहते हैं कि पिछले 20 वर्षों के दौरान अफ़ग़ानिस्तान में कोई भी बुनियादी काम नहीं किया गया।  वहां पर जोकुछ भी हुआ वह अमरीका के एक सुनियोजित कार्यक्रम के अन्तर्गत था जिसमें युद्ध, जनसंहार, सरकार का गठन और दिखावटी चुनावों का आयोजन करना शामिल है।  इसका परिणाम यह निकला कि अफ़ग़ानिस्तान बहुत तेज़ी से पतन की ओर जा रहा है।

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