Sep २८, २०२२ ११:५९ Asia/Kolkata
  • रूस द्वारा कराए गए जनमत संग्रह को मान्यता न दी जाएः ज़ेलेंस्की

यूक्रेन के राष्ट्रपति ने विश्व के देशों से अनुरोध किया है कि रूस द्वारा कराए गए जनमत संग्रह को वे मान्यता न दें।

विलादिमीर ज़ेलेंस्की ने संयुक्त राष्ट्रसंघ की सुरक्षा परिषद की बैठक में कहा कि यूक्रेन के क्षेत्रों के बारे में कराए गए जनमत संग्रह को वे स्वीकार न करें और रूस के विरुद्ध प्रतिबंधों को और कड़ा किया जाए। उन्होंने कहा कि यूक्रेन के क्षेत्रों को अवैध ढंग से रूस में मिलाना, राष्ट्रसंघ के घोषणापत्र का खुला उल्लंघन है।

यूक्रेन के राष्ट्रपति ने दावा किया कि रूस लगातार तनाव को बढ़ा रहा है।  उन्होंने कहा कि अन्तर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेन्सी आईएईए की ओर से ज़ापोरीज़ाया परमाणु संयंत्र से तुरंत पीछे हटने की मांग को रूस ने अनेदखा कर दिया।

वे कहते हैं कि रूस का पूरी तरह से बाइकाट किया जाना चाहिए और इसी के साथ यूक्रेन के लिए आर्थिक एवं सैन्य सहायता में वृद्धि की जाए।  साथ ही ज़ेलेंस्की ने यह भी कहा कि सामूहिक सुरक्षा के बारे में यूक्रेन को स्पष्ट और क़ानूनी रूप से बाध्यकारी गारेंटी मिलनी चाहिए।

यूक्रेन के राष्ट्रपति पहले दावा कर चुके हैं कि रूस उनके नागरिकों को ग़ैर क़ानूनी जनमत संग्रह में भाग लेने के लिए बाध्य कर रहा है।  एसे में जनमत संग्रह के परिणाम के बाद पुतीन के साथ वार्ता असंभव हो जाएगी।  रूस के विदेशमंत्री सरगेई लावरोफ का कहना है कि जनमत संग्रह कराने के बाद वे भाग जो रूस में विलय का समर्थन करेंगे उनको माॅस्को की पूरी हिमायत हासिल होगी।

उल्लेखनीय है कि लोहांस्क, दोनेत्सक, ख़रसून और ज़ायोरिज़ा जैसे क्षेत्रों के रूस में विलय के मुद्दे को लेकर 23 सितंबर को इन क्षेत्रों में जनमत संग्रह आरंभ हुआ था जो 27 सितंबर तक जारी रहा।

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