Sep २९, २०२२ १५:४४ Asia/Kolkata
  • रूस को यूक्रेन पर हमले के लिए मजबूर कर देने वाला यूरोप क्या अब परमाणु हमले पर पुतीन को मजबूर करना चाहता है?

अमरीका के जाने पहचाने सेनेटर लेंज़ी ग्राहम ने बयान दाग़ दिया है कि यूक्रेन में रूस के ज़रिए परमाणु हथियारों का इस्तेमाल नैटो पर हमले के समान है। इस बयान पर अमरीका में रूस के राजदूत ने कड़ी प्रतिक्रिया दिखाते हुए कहा है कि हर अमरीकी नागरिक इस बात से ज़रूर सहमत होगा कि कैरेबियन सागर वाला संकट किसी भी हालत में दोहराया नहीं जाना चाहिए।

रूसी राजदूत ने कहा कि अमरीका ने परमाणु संकट पैदा करने के लिए भारी दबाव बना रखा है कि वह रूस की ताक़त आज़माना चाहता है।

इससे पहले युक्रेन युद्ध के सिलसिले में भी अमरीका और पश्चिमी देशों ने इस तरह के हालात पैदा कर दिए कि रूसी राष्ट्रपति पुतीन के पास यूक्रेन पर हमला शुरू करने के अलावा कोई चारा नहीं बचा। बहुत से टीकाकार कहते हैं कि अगर रूस ने युक्रेन युद्ध नहीं शुरू किया होता तो कुछ ही महीनों के भीतर उसे क्रीमिया में नैटो से युद्ध लड़ना पड़ता यानी पश्चिम ने यह फ़ैसला कर लिया था कि रूस को हर हाल में एक जंग में फंसाना है।

रूस के राजदूत ने कहा कि यह विषय बहुत महत्वपूर्ण है कि रूस और अमरीका ही नहीं बल्कि परमाणु हथियार रखने वाले सारे देश एक दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर कर चुके हैं कि परमाणु जंग में हरगिज़ कोई विजयी नहीं हो सकता और इस तरह की जंग हरगिज़ शुरू नहीं होनी चाहिए।

एक दिन पहले रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़ाख़ारोवा ने भी कहा कि अमरीका अपनी हर चाल आज़मा रहा है कि किसी तरह रूस को परमाणु हमला करने पर मजबूर कर दे। उन्होंने कहा कि अमरीकी अधिकारी इस बारे में बड़ी आसानी से बयानबाज़ी कर रहे हैं वे हालात को इसी रुख़ पर आगे ले जाना चाहते हैं और इसके लिए हर चाल इस्तेमाल कर रहे हैं।

तुर्किए के राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोग़ान ने एक बयान में कहा कि संभावित परमाणु जंग बहुत बड़ी त्रास्दी होगी, हमें इस बारे में सोचना भी नहीं चाहिए इसके बारे में बात करना तो बहुत दूर की चीज़ है। उन्होंने कहा कि युक्रेन का मसला कूटनैतिक बातचीत से हल होना चाहिए।

रूस की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के उप प्रमुख दिमित्री मेदवेदेव ने कहा था कि रूस को यह अधिकार है कि ज़रूरत पड़ने पर अपनी सुरक्षा व परमाणु डाक्ट्राइन के आधार पर परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करे।

इससे पहले संयुक्त  राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने कहा था कि सारे देशों को संभावित परमाणु युद्ध में विजय की कल्पना को ही अपने मन से निकाल देना चाहिए और इस सिलसिले में अपने बयानों में एक क़दम पीछे हटने की कोशिश करें।

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