Oct ०२, २०२२ १७:०२ Asia/Kolkata

अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जैक सेल्वेन ने कहा है कि अमेरिका, नाटो की "ओपेन डोर" नीति के प्रति कटिबद्ध है परंतु नाटो का सदस्य बनने के लिए यूक्रेन ने जो अपील की है अभी उसकी समीक्षा के लिए उचित समय नहीं है।

साथ ही सल्वेन ने बल देकर कहा कि इस समय हमारा दृष्टिकोण यह है कि यूक्रेन का समर्थन किया जाये और उसकी नाटो में सदस्यता की प्रक्रिया किसी और समय में आरंभ की जाये। अमेरिका की प्रतिनिधि सभा की प्रमुख नैंसी पेलीसी ने भी स्पष्टरूप से नाटो में यूक्रेन की सदस्यता का समर्थन नहीं किया है और केवल यूक्रेन के सुरक्षा समर्थन की बात की है।

उन्होंने कहा कि हम यूक्रेन में डेमोक्रेसी के प्रति बहुत कटिबद्ध हैं, इस युद्ध में विजयी होना चाहिये और मैं यह चाहती हूं कि यूक्रेन को अपनी सुरक्षा को सुनिश्चित बनाने का अधिकार होना चाहिये।

यूक्रेन के राष्ट्रपति विलोदीमीर ज़ेलेन्सकी ने शुक्रवार को कहा था कि यूक्रेन के चार क्षेत्रों के रूस में आधिकारिक तौर पर विलय के बाद नाटो में यूक्रेन की सदस्यता की प्रक्रिया तेज़ होनी चाहिये। ज़ेलेन्सकी ने नाटो में सदस्यता की अपील पर हस्ताक्षर करने के बाद कहा कि हमने पहले ही यह साबित कर दिया कि नाटो में शामिल होने के जो मापदंड हैं वह हमारे अंदर मौजूद हैं, हम नाटो में शामिल होने की अपील पर हस्ताक्षर करके इस दिशा में गम्भीर कदम उठा रहे हैं।

साथ ही उन्होंने दावा किया कि इस समय भी यूक्रेन नाटो का आगामी व भावी सदस्य है। यूरोपीय और अमेरिकी अधिकारी और राजनेता भी यूक्रेन की नाटो में सदस्यता की बात करते हैं। इस आधार पर नाटो में शामिल होने हेतु यूक्रेन के अधिकारियों का मनोबल व कारण दोगुना हो गया है। नाटो के सदस्य देशों के नेताओ ने वर्ष 2008 में बोखारा में जो बैठक की थी उसमें उन्होंने नाटो के विस्तार और यूक्रेन और जार्जिया को नाटो में शामिल करने हेतु अपनी इच्छा की घोषणा की थी।

उसके बाद से नाटो में यूक्रेन की सदस्यता का मामला रूस और नाटो के मध्य मतभेद और तनाव के विषय में परिवर्तित हो गया। अभी हाल ही में नाटो के महासचिव ने कहा था कि यूक्रेन के नाटो में शामिल होने के लिए ज़रूरी है कि उसके समस्त 30 सदस्य सहमत हों। साथ ही उन्होंने यूक्रेन के समर्थन पर बल दिया और बल देकर कहा था कि यह बात रूस के साथ नाटो के युद्ध का कारण नहीं बनेगी।

बहरहाल यूक्रेन नाटो का सदस्य बनेगा या नहीं बनेगा यह एक अलग विषय है पर जो बात निश्चित है वह यह है कि इस समय जो चीज़ यूक्रेन की तबाही का कारण बनी है वह यूक्रेन की नाटो में शामिल होने की कामना है और अगर यूक्रेन अपनी इस मांग व इच्छा से पीछे नहीं हटता तो उस पर खतरे की तलवार हमेशा लटकी रहेगी। MM

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