Nov १२, २०१६ २०:५४ Asia/Kolkata
  • पाकिस्तानी सिनेमाघरों में अब ईरानी फिल्में दिखाई जाएंगी, लेकिन क्यों?

पाकिस्तान में भारतीय फिल्मों पर प्रतिबंध लगने के बाद पाकिस्तानी सिनेमाघरों ने ईरानी फिल्में दिखाए जाने करने का फ़ैसला किया है।

समाचार एजेंसी के अनुसार पाकिस्तान सरकार ने यह फ़ैसला, पाकिस्तानी फिल्म अद्योग की ख़राब होती आर्थिक स्थिति को सुधारने के प्रयास में किया है।  उल्लेखनीय है कि पाकिस्तानी फिल्म इंडस्ट्री में इससे पहले भारतीय फिल्मों का प्रदर्शन जारी था, लेकिन उन पर प्रतिबंध लगने के बाद इंडस्ट्री को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था।

इस बीच इस तरह के भी समाचार हैं कि पाकिस्तानी फिल्म वितरकों ने ईरान और तुर्की से उनकी फिल्मों के आयात के लिए संपर्क साधना भी शुरू कर दिया है।

 

इससे पहले पाकिस्तान की लोक एवं सांस्कृतिक विभाग की निदेशक फ़ौज़िया सईद ने कहा था कि ईरानी फिल्मों को दुनिया भर में बहुत पसंद किया जाता रहा है और पाकिस्तानी सिनेमाघरों में उनके प्रदर्शन को भी खूब सराहा जाएगा। फ़ौज़िया सईद ने कहा कि ईरान की वे फिल्में जो सांस्कृतिक शैली में पाकिस्तानी समाज के करीब हैं, उनके पाकिस्तानी सिनेमाघरों में ज़रूर दिखाया जाना चाहिए।

 

पाकिस्तान के स्नीपैक्स सिनेमा के प्रबंधक मोहसिन यासीन ने कहा है कि फिल्में सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए सबसे अच्छा स्रोत हैं और हमें ईरानी फिल्मों की प्रदर्शनी का अनुभव ज़रूर करना चाहिए। मोहसिन यासीन ने ईरानी दूतावास में स्थित संस्कृति विभाग से अपील की कि वे सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आदान-प्रदान के अंतर्गत मदद करें और पाकिस्तान में ईरानी फिल्मों की रिलीज़ को ईरानी निर्माताओं से हमारा संपर्क संभव बनाएं।

 

ज्ञात रहे कि पिछले कुछ वर्षों के दौरान कई ईरानी फिल्मों और नाटकों को पाकिस्तान के विभिन्न टेलीविज़न चैनलों से दिखाया जा चुका है, जिसका पाकिस्तानी जनता ने ज़बरदस्त स्वागत किया है। (RZ)

 

 

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