Sep १७, २०१९ ०८:५५ Asia/Kolkata
  • जब रूस के राष्ट्रपति पुतीन ने अपने भाषण में कुरआन की आयतें पढ़- पढ़ कर तर्क दिये! + वीडियो

रूस के राष्ट्रपति विलादमीर पुतीन ने तुर्की के अन्करा नगर में ईरान, रूस और तुर्की के मध्य त्रिपक्षीय बैठक में यमन पर बोलते हुए कुरआने की कई आयतों का हवाला दिया। 

    पुतीन ने कहा कि यमन में जो कुछ हो रहा है मानवीय त्रासदी है और इस समस्या का समाधान, यमन और सऊदी अरब के मध्य वार्ता द्वारा होना चाहिए। 
    पुतीन ने अपने भाषण में कुरआने मजीद के सूरए आले इमरान की आयत नंबर 103 का रुसी अनुवाद पढ़ा जिसमें कहा गया है कि 
" सब लोग अल्लाह की रस्सी को मज़बूती से थामे रहो और एक दूसरे से दूर न रहो और अल्लाह की इस कृपा को याद करो कि तुम एक दूसरे के दुश्मन थे तो उसने तुम्हारे दिलों को एक दूसरे से जोड़ दिया इस तरह से तुम उसकी कृपा से भाई- भाई बन गये। " 


    रशा टूडे की रिपोर्ट में बताया गया है कि रूस, ईरान और तुर्की के राष्ट्रपतियों की संयुक्त् प्रेस कान्फ्रेंस में जब एक पत्रकार ने आरामको कंपनी पर यमनियों के हमले के बाद, रूस द्वारा सऊदी अरब की संभावित मदद की शैली के बारे में सवाल किया तो रूसी राष्ट्रपति विलादमीर पुतीन ने कहा कि यहां पर मैं कुरआने मजीद की उस आयत को पेश करना चाहूंगा जिसमें आत्मरक्षा और अन्य लोगों पर हमला न करने की बात कही गयी है। 
    विलादमीर पुतीन ने इस सवाल के जवाब में कुरआने मजीद के सूरए बक़रा की आयत नंबर 190 का रुसी अनुवाद पढ़ा जिसमें कहा गया है कि 
    " अल्लाह की राह में उन लोगों से लड़ों जो तुमसे युद्ध करते हैं लेकिन किसी पर तुम हमला न करो क्योंकि अल्लाह, अतिक्रमणकारियों को पसंद नहीं करता। " (Q.A.)
    
 

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