Sep २२, २०१९ १९:१० Asia/Kolkata
  • हमें विमान वाहक युद्धपोतों की नहीं, बल्कि उन्हें डुबोने वाले मिसाइलों की ज़रूरत है, रूस

रूस के रक्षा मंत्री का कहना है कि अमरीकी सैन्य बजट रूस के रक्षा बजट से कई गुना अधिक हो सकता है, लेकिन यह कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए कि रूसी सेना अपने देश की रक्षा करने में सक्षम है और वह दूसरे देशों पर हमला नहीं करती है।

रश्या टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक़, कुछ साल पहले रूस के रक्षा बजट में वृद्धि की गई थी, ताकि एक बार फिर बड़े हथियारों से सेना को लैस किया जाए, लेकिन हालिया वर्षों में उसमें कटौती की गई है। 2018 में अमरीका, चीन, सऊदी अरब, भारत और फ़्रांस के बाद रूस ने सबसे अधिक सेना और हथियारों पर ख़र्च किया।

हालांकि अमरीका में ट्रम्प प्रशासन के दौरान पेंटागन पर पैसों की बारिश हुई है, जिसके मुक़ाबले में अन्य देशों का सैन्य बजट कहीं नहीं टिकता है।

लेकिन रूसी रक्षा मंत्री सरगेई शोइगू का कहना है कि रूसी नागरिकों को चिंता करने की ज़रूरत नहीं है, उनके टैक्स का एक एक पैसा सही जगह इस्तेमाल हो रहा है।

रश्या टुडे से बात करते हुए शोइगू ने कहा, अमरीका प्राइवेट मिलिटरी कंट्रैक्टरर्स और विमान वाहक युद्धपोत पर काफ़ी बड़ा बजट ख़र्च करता है। लेकिन क्या वास्तव में रूस को 5 से 10 विमान वाहक स्ट्राइक ग्रूप्स की ज़रूरत है? विशेषकर जब हमारा इरादा किसी पर हमला करने का नहीं है।

उन्होंने कहा, अगर हमारे देश पर हमला होता है तो हमें दुश्मन के युद्धपोतों के ख़िलाफ़ इस्तेमाल होने वाले हथियारों की ज़रूरत है। वे काफ़ी कम ख़र्चीले और अधिक मारक क्षमता वाले होते हैं।

रूसी रक्षा मंत्री ने दूसरे देशों पर हमला करके उसे हमला होने वाले देश की जनता के हित में बताकर जायज़ ठहराने के लिए वाशिंगटन की आदत की आलोचना की।

उन्होंने कहा, क्या उन्होंने लोकतंत्र के बहाने इराक़, अफ़ग़ानिस्तान और सीरिया पर हमला नहीं किया? msm

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