Jan १६, २०२० २०:५१ Asia/Kolkata
  • नए आरोपों के साथ ट्रम्प के ख़िलाफ़ सिनेट में महाभियोग, लोगों ने ट्रम्प से पूछा, “इज़ ऑल वेल”?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प के ख़िलाफ़ महाभियोग का मुक़द्दमा निचले सदन से पास हो कर ऊपरी सदन में पहुंच चुका है अब मुक़द्दमा सिनेट में चलेगा और जल्द ही इसपर बहस शुरू होगी।

अमेरिका की राजनीति के केंद्र कैपिटल हिल पर बुधवार 15 जनवरी को कुछ नाटकीय दृश्य देखे गए जब डेमोक्रैट सांसद राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प के ख़िलाफ़ महाभियोग के आरोपों को ले कर एक तरह का जुलूस निकाल कर खुद सिनेट गए। निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेज़ेंटेटिव्स से पास हो जाने के बाद अब यह मुक़द्दमा आधिकारिक रूप से ऊपरी सदन में आ गया है और अब इस पर यहां सुनवाई होगी। इससे पहले निचले सदन की अध्यक्ष नैन्सी पेलोसी ने महाभियोग के कागज़ात पर हस्ताक्षर करते हुए कहा, "आज हम इतिहास बनाएंगे, इस राष्ट्रपति को जवाबदेह ठहराया जाएगा।" कुछ ही क्षण बाद अभियोजक दल के सदस्यों ने सिनेट में प्रवेश किया और पीछे की पंक्तियों में अपनी जगह ले ली। सदन के क्लर्क ने उनके आगमन की घोषणा की। ट्रम्प ने यूक्रेन में किस तरह सत्ता का दुरुपयोग किया इस बारे में ताज़ा जानकारी अभी आ ही रही है, लेकिन ट्रम्प ने महाभियोग के मुक़द्दमे पर अपनी नाराज़गी व्यक्त करते हुए शिकायत के रूप में कहा कि, यह सब एक "छल" है।

संसद के निचले सदन में डेमोक्रैटिक सांसदों का बहुमत है जबकि सिनेट में रिपब्लिकन सांसद बहुमत में हैं। चुनाव के साल में सिनेट में अमेरिकी राष्ट्रपति की टीम बचाव की इस उद्देश्य से तैयारी कर रही है कि राष्ट्रपति जल्द से जल्द आरोपों से बरी हो जाएं। 16 जनवरी की दोपहर को सिनेट महाभियोग की अदालत में परिवर्तित हो गया। अमेरिकी संविधान के अनुसार, मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स मुक़द्दमे की अध्यक्षता करेंगे और उन सांसदों को "निष्पक्ष न्याय" देने की शपथ दिलाएंगे जो जूरी के सदस्य की भूमिका निभाएंगे। शुरूआती दलीलें अगले मंगलवार मार्टिन लूथर किंग जूनियर अवकाश के बाद दी जाएंगी। ट्रम्प की टीम को उम्मीद है कि सिनेट में मुक़द्दमा दो सप्ताह से अधिक नहीं चलेगा और वह जल्द ही बरी हो जाएंगे।

ट्रम्प की टीम जिस तरह इस मुक़द्दमे का समय निर्धारित कर रही है अगर वास्तव में इतना ही समय लगा तो यह 1999 में बिल क्लिंटन के ख़िलाफ़ चले महाभियोग और 1868 में एंड्रू जॉनसन के ख़िलाफ़ चले महाभियोग से बहुत ही छोटा मुक़द्दमा होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ने स्पष्ट संकेत नहीं दिया है कि वह लम्बी कार्यवाही चाहेंगे या छोटी, लेकिन नए प्रमाण निकलते जा रहे हैं और सिनेट के सदस्यों पर दबाव है कि वे और गवाहों से बयान लें। सात-सदस्यीय अभियोजक दल का नेतृत्व कर रहे हैं हाउस महाभियोग की कार्यवाही के अध्यक्ष, इंटेलिजेंस समिति से एडम शीफ्फ और न्यायिक मामलों की सदन की समिति के अध्यक्ष जेरी नैडलर, समितियों के दोनों अध्यक्ष पेलोसी के भरोसेमंद हैं। तीन या चार सिनेट सदस्य मुक़द्दमे का नतीजा निकलवा सकते हैं, सिनेट में रिपब्लिकन सांसदों का बहुमत है, उनकी संख्या 53 है जबकि डेमोक्रैटिक सांसदों की संख्या 47 है।

यह लगभग तय ही माना जा रहा है कि रिपब्लिकन सांसद ट्रम्प को बरी करने का पक्ष लेंगे, लेकिन मुक़द्दमे के दौरान नियमों को स्वीकृत करने के लिए या गवाहों को बुलाने के लिए सिर्फ 51 मतों की ज़रूरत होगी। ट्रम्प के ख़िलाफ़ आरोपों को खारिज करने के लिए भी सिर्फ 51 मतों की ही ज़रूरत होगी। सिनेट में रिपब्लिकन सांसदों के नेता मिच मैककॉनेल इस बात को नहीं छुपा रहे हैं कि महाभियोग के मुक़द्दमे में वे कोई स्वतंत्र जूरी सदस्य नहीं हैं। 77 वर्षीय इस राजनीतिज्ञ ने अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय के साथ पूरे समन्वय का भरोसा दिया है, इसका मतलब है कि वे मुक़द्दमे में पूरी तरह राष्ट्रपति का समर्थन करेंगे। इस बीच जानकारो का कहना है कि जहां एक ओर अमेरिकी राष्ट्रपति और उनकी टीम यह दिखाने का प्रयास कर रही है कि महाभियोग की कार्यवाही से उनके ऊपर कोई प्रभाव नहीं पड़ने वाला है वहीं कहीं न कहीं उनको इस बात का डर भी है कि अगर रिपब्लिकन सिनेटरों में से कुछ जो ट्रम्प की नीतियों से नाराज़ हैं उन्होंने उनके ख़िलाफ़ वोट कर दिया तो यह अमेरिका के इतिहास में पहली बार होगा कि कोई अमेरिकी राष्ट्रपति अपना समय पूरा करने से पहले ही अपने पद से हटा दिया जाएगा। इस बीच सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोग ट्रम्प से पूछ रहे हैं कि, “इज़ ऑल वेल? (RZ) 

 

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