Feb २५, २०२० १५:१८ Asia/Kolkata
  • मैं सोच भी नहीं सकता था कि एक दिन मुसलमानों का बचाव करूंगा! ट्रम्प के वरिष्ठ सलाहकार, कैसे मन बदला मुसलमानों के एक कट्टर विरोधी का?

अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता में अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प के प्रतिनिधि सैम ब्राउनबैक ने कहा है कि मैं सोच भी नहीं सकता था कि किसी दिन मुसलमानों की तरफ से बात करूंगा।

फाइनेंशल टाइम्ज़ ने अमरीकी सरकार के बेहद विवादस्पद अधिकारी सैम ब्राउनबैक की भूमिका पर प्रकाश डाला है। उन्हें सब से पहले सन 2017 में यह पद दिया गया था तो मानवाधिकार संगठनों ने इस फैसले का जम कर विरोध किया था क्योंकि सैम ब्राउनबैक का अतीत " धार्मिक स्वतंत्रता" से विरोधाभास रखता है।

सैम ब्राउनबैक जब टेक्ज़ास राज्य के गर्वनर थे तो उन्होंने मुसलमानों और इस्लाम के खिलाफ कई फैसले किये थे और बदनाम भी हुए थे। उन्होंने मुस्लिम बाहुल्य देशों से अमरीका आने वाले यात्रियों पर प्रतिबंध के ट्रम्प के फैसले का भी खुल कर समर्थन किया था।

इस प्रकार के अतीत के बावजूद आज सैम ब्राउनबैक चीन और म्यांमार के मुसलमानों का समर्थन कर रहे हैं जिसकी वजह से उनके विरोधी हैरत में है।  उनके इसी समर्थन की वजह से बहुत से लोगों को अमरीकी सरकार द्वारा चीन के दस लाख वीगर मुसलमानों  के समर्थन के पीछे छिपी भावना के बारे में संदेह है।

 

सैम ब्राउनबैक ने फाइनेंशल टाइम्ज़ से एक बात चीत में कहा कि चीन एक क़ानून बना रहा है जिसमें कहा गया है कि कोई अपने बच्चे का नाम " मोहम्मद " नहीं रख सकेगा, न रोज़ा रख सकेगा बल्कि उसे ज़बरदस्ती सुअर का गोश्त खिलाया जाएगा और यह मुसलमानों की आस्था के खिलाफ  है।

सैम ब्राउनबैक ने कहा कि बीजिंग के फैसले दुष्टतापूर्ण हैं जिनका मक़सद, मुसलमानों को खामोशी से रहने वाली चीनी नागरिकों में बदलना बताया गया है।

मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि सैम ब्राउनबैक के क़दमों की वजह से अमरीका, पश्चिम में चीन के मुसलमानों का सब से बड़ा समर्थक बन गया है जिस पर सैम ब्राउनबैक के बहुत से विरोधियों को बेहद हैरत है।

अमरीकी सरकार ने गत अक्तूबर के महीने में वीगर मुसलमानों के दमन में शामिल चीनी संस्थाओं और विभागों को ब्लैक लिस्ट कर दिया था जिसकी वजह से अमरीकी कंपनियों ने इन विभागों को आधुनिक तकनीक नहीं बेच सकती। अमरीकी सरकार ने इसी प्रकार वीगर मुसलमानों के दमन और उनकी गिरफ्तारी में शामिल चीनी अधिकारियों के लिए वीज़ा पर भी प्रतिबंध लगा दिया था।

चीन में वीगर मुसलमानों की दशा पर पूरी दुनिया में चिंता प्रकट की जा रही है। 

 

हैरत की बात यह है कि मुसलमानों और इस्लाम के विरोध में कुख्यात, सैम ब्राउनबैक के बारे में अब बहुत से लोगों का कहना है कि वीगर मुसलमानों को लेकर चीन के खिलाफ अमरीकी सरकार के कड़े रुख और तीखी भाषा के पीछे सैम ब्राउनबैक भी महत्वपूर्ण भूमिका है।

 सैम ब्राउनबैक ने इसी प्रकार चीन पर दबाव डालने के लिए उसके कई पड़ोसियों को भी तैयार कर लिया, यही नहीं बल्कि उन्होंने बांग्लादेश में रोहिंग्या मुसलमानों के शरणार्थी शिविर का स्वंय जाकर निरीक्षण भी किया। यही वजह है कि मुसलमानों के कट्टर दुश्मन समझे जाने वाले सैम ब्राउनबैक कहते हैं कि " मैंने कल्पना भी नहीं की थी कि कभी मुसलमानों का बचाव और समर्थन करूंगा।" Q.A.

 

 

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