Mar २५, २०२० १६:३८ Asia/Kolkata
  • अमरीका को कोरोना वायरस के विशाल समुद्र में डुबोने की चीन की धमकी सही साबित हो रही है

अमरीका बहुत तेज़ी से कोरोना वायरस महामारी का केन्द्र बनता जा रहा है। कोरोना से क़रीब 55 हज़ार अमरीकी संक्रमित हो चुके हैं, तो वहीं अब तक 785 से अधिक लोगों की मौत हो गई है।

अमरीका में तेज़ी से फैलने वाली इस महामारी से चीन की वह धमकी सही साबित होती नज़र आ रही है, जिसमें कहा गया था कि चीन, अमरीका को निर्यात की जाने वाली दवाओं पर नियंत्रण करके वाशिंगटन को "कोरोना वायरस के विशाल समुद्र में डुबो सकता है।"

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के मुखपत्र शेन्हुआ में प्रकाशित हुए एक लेख में बीजिंग ने वुहान में कोरोना वायरस के प्रकोप के दौरान यह धमकी दी थी।

चीन ने वैश्विकरण और मुक्त व्यापार की नीतियों का लाभ उठाते हुए अमरीका और विश्व के अधिकांश देशों के बाज़ारों पर क़ब्ज़ा कर लिया है और आज चीन जेनेरिक दवाईयों का सबसे बड़ा उत्पादक और निर्यातक है।

यहां दिलचस्प बात यह है कि अमरीका में बुनियादी दवाइयों तक का उत्पादन धीरे धीरे कम होता गया, लेकिन अमरीकी अधिकारियों ने इस तरह के महत्वपूर्ण मुद्दों की ओर ध्यान तक नहीं दिया। इस समय, अमरीका पूरी तरह से चीन पर निर्भर है और कोरोना वायरस की महामारी वाशिंगटन की मौजूदा स्थिति को और ख़राब कर सकती है।

चीन ने अपने यहां फैलने वाली इस महामारी पर काफ़ी हद तक क़ाबू पा लिया है, लेकिन अमरीका और यूरोप समेत विश्व के अधिकांश देश इससे जूझ रहे हैं और उनकी अर्थव्यवस्था तथा उत्पादन चक्र नष्ट होने की कगार पर है।

इसलिए कहा जा रहा है कि कुछ महीनों के बाद ही चीन विश्व अर्थव्यवस्था में अमरीका की जगह ले लेगा और इस महामारी से उसे सबसे ज़्यादा लाभ पहुंचेगा। msm

टैग्स

कमेंट्स