Mar २७, २०२० १०:०२ Asia/Kolkata
  • राष्ट्रसंघ के महासचिव को आठ देशों के राजदूतों ने क्यों दिया पत्र?

राष्ट्रसंघ के महासचिव के नाम पत्र में कहा गया है कि जो देश ग़ैर कानूनी ढंग से प्रतिबंध लगाये हैं वे राष्ट्रसंघ के घोषणापत्र और अंतरराष्ट्रीय क़ानून का उल्लंघन कर रहे हैं

संयुक्त राष्ट्रसंघ में ईरान, इराक, रूस, चीन, क्यूबा, उत्तर कोरिया, वेनेज़ोएला और निकारागुआ के राजदूतों ने राष्ट्रसंघ के महासचिव को एक पत्र दिया है जिसमें कहा गया है कि कोरोना संयुक्त दुश्मन है।

इसी प्रकार इस पत्र में चेतावनी दी गयी है कि प्रतिबंधों से कोरोना को नियंत्रित करने में नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।

समाचार एजेन्सी इर्ना की रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रसंघ के महासचिव एन्टोनियो गुटेरस के नाम पत्र में कहा गया है कि जो देश ग़ैर कानूनी और एकपक्षीय ढंग से प्रतिबंध लगाये हैं और राष्ट्रसंघ के घोषणापत्र और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन कर रहे हैं उनके ग़ैर कानूनी प्रतिबंधों से कोरोना का मुकाबला कठिन हो गया है।

इसी प्रकार इस पत्र में राष्ट्रसंघ के स्वतंत्र विशेषज्ञों की उस रिपोर्ट की ओर संकेत किया गया है जिसमें कहा गया है कि एक पक्षीय प्रतिबंधों के कारण एक तिहाई से अधिक लोगों पर प्रभाव पड़ रहा है और इस बात की अनुमति नहीं दी जानी चाहिये कि राजनीतिक मामले इंसानों की जान बचाने के मार्ग की बाधा बनें।

इसी प्रकार इस पत्र में बल देकर कहा गया है कि कोरोना वायरस से मुकाबले के लिए बड़े पैमाने पर समरसता और सहयोग की आवश्यकता है और प्रतिबंधों के कारण उन प्रयासों को आघात पहुंच रहा है जो कोरोना से मुकाबले के लिए अंजाम दिये जा रहे हैं।

संयुक्त राष्ट्रसंघ में ईरान, चीन, रूस, क्यूबा, उत्तर कोरिया, निकारागुआ, वेनेज़ोएला और इराक के राजदूतों ने इस संघ के महासचिव का आह्वान किया है कि वह ग़ैर कानूनी प्रतिबंधों को समाप्त कराने के लिए तत्काल कार्यवाही करें।

प्राप्त ताज़ा आंकड़ों के अनुसार अब तक विश्व में चार लाख 71 हज़ार लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं जिनमें एक लाख 14 हज़ार लोग ठीक हो चुके हैं जबकि कम से कम 21 हज़ार लोग अपनी जान से हाथ धो चुके हैं। MM

 

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