Apr ०२, २०२० ०१:४९ Asia/Kolkata
  • ट्रंप ने ईरान को फ़िर दी धमकी, अगर ईरान ने अमेरिकी सैनिकों पर हमला किया तो तेहरान को भारी क़ीमत चुकानी पड़ेगी

ट्रंप का यह ट्वीट उस समय सामने आया है जब इराक़ में अमेरिकी सैनिकों की गतिविधियों में वृद्धि हो गयी है

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कोरोना वायरस से ध्यान भटकाने के लिए ईरान पर निराधार आरोप मढ़ते हुए दावा किया है कि ईरान, इराक़ में अमेरिकी सैनिकों या इराक में उनके ठिकानों पर हमला करने के प्रयास में है।

समाचार एजेन्सी इर्ना की रिपोर्ट के अनुसार डोनाल्ड ट्रंप ने किसी प्रकार का प्रमाण पेश किये बिना दावा किया कि ईरान इराक में अमेरिकी सैनिकों या उनके सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमला करने के प्रयास में है।

साथ ही ट्रंप ने धमकी दी कि अगर एसा हुआ तो ईरान को बहुत भारी क़ीमत चुकानी पड़ेगी।  

ट्रंप का यह ट्वीट एसी स्थिति में सामने आया है जब इराक में अमेरिकी सैनिकों की गतिविधियों में वृद्धि हो गयी है और समाचार पत्र न्यूयार्क टाइम्स ने इराक में स्वयं सेवी बल हश्दुश्शाबी पर अमेरिकी सैनिकों की योजना का पर्दाफाश किया है।

इराकी सूत्रों ने भी इस देश में इराकी सैनिकों के ठिकानों पर अमेरिका के नये हमलों की सूचना दी है और घोषणा की है कि अमेरिका इराकी सरकार और जनता की इच्छा के विपरीत इस देश में बने रहने की चेष्टा में है इस आधार पर वह इराक में उन प्रतिरोधक गुटों के ठिकानों को लक्ष्य बनाने की जुगत में है जो अपने देश में अमेरिका की उपस्थिति के मुखर विरोधी हैं।

अमेरिका अब तक इराकी सेना और स्वयं सेवी सेना हश्दुश्शाबी के ठिकानों पर कई बार हमले कर चुका है।

ज्ञात रहे कि अमेरिका ने तीन जनवरी 2020 को बगदाद के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के बाहर एक आतंकवादी हमले में ईरान की सिपाहे पासदारान फोर्स आईआरजीसी के कुद्स ब्रिगेड के कमांडर जनरल क़ासिम सुलैमानी और इराक की स्वयं सेवी सेना हश्दुश्शाबी के डिप्टी कमांडर अबू मेहदी अलमोहन्दिस को शहीद कर दिया था जिसके बाद पांच जनवरी को इराकी संसद ने इस देश से अमेरिकी सैनिकों के निष्कासन के विधेयक को सर्वसम्मति से पारित किया था।

उल्लेखनीय है कि शहीद जनरल क़ासिम सुलैमानी पश्चिम एशिया में दाइश सहित आतंकवादी व तकफीरी गुटों के खिलाफ संघर्ष के महानायक थे और उन्हें शहीद करके अमेरिका ने विश्व जनमत के समक्ष अपना वास्तविक और घृणित चेहरा एक फिर स्पष्ट कर दिया था।

शहीद जनरल क़ासिम सुलैमानी 

जानकार हल्कों का मानना है कि ट्रंप शायद यह भूल गये हैं कि ईरान किसी हमलावर पर हमला करने में पहल नहीं करता है और जवाबी हमले में संकोच से काम भी नहीं लेता है और जवाबी हमले से पहले सूचना भी दे देता है। इराक में अमेरिका की सैनिक छावनी एनुल असद पर ईरान के मिसाइली हमले को इसी परिप्रेक्ष्य में देखा जा सकता है। MM

 

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