Apr ०८, २०२० १५:४८ Asia/Kolkata
  • अमरीका में कोरोना से त्रासदी भरा दिन तो वाइट हाउस में हंगामा और बौखलाहट

ट्रम्प सरकार के भीतर हंगामा, बौखलाहट और घबराहट साफ़ दिखाई दे रही है क्योंकि मंगलवार का दिन अमरीका का अब तक का सबसे त्रासदीपूर्ण दिन साबित हुआ। इस दिन कोरोना ने लगभग 1800 से  अधिक लोगों को मौत की नींद सुला दिया।

ट्रम्प ख़ुद को युद्ध के समय का लीडर ज़ाहिर करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमें प्लेग का सामना है और रोशनी सुरंग के दूसरे सिरे पर दिखाई दे रही है। जब देश को दूसरे विश्व युद्ध के बाद के सबसे बड़े संकट का सामना है तो राष्ट्रपति ट्रम्प समझदारी भरे क़दम उठाने के बजाए अपनी सत्ता की बुनियाद मज़बूत करने की फ़िक्र में लगे हैं। ट्रम्प ने इंटैलीजेन्स कम्युनिटी इंसपेक्टर जनरल को पिछले सप्ताह बर्खास्त कर दिया।

ट्रम्प के कार्यवाहक नौसेना मंत्री ने भी विमानवाहक पोत के कप्तान के लिए अपशब्द का प्रयोग किया और फिर अपने पद से हट गए।

ट्रम्प कह रहे हैं कि उन्हें जनवरी में वाइट हाउस के किसी अधिकारी ने महामारी के बारे में कोई चेतावनी नहीं दी थी। उन्होंने यह एलान भी किया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के लिए अमरीका से की जाने वाली फ़ंडिंग को वह रोकने जा रहे हैं।

वाइट हाउस की प्रेस सचिव स्टीफ़नी ग्रीशम को अचानक पद से हटा दिया गया। उनकी जगह लेने वाली केलिफ़ मैकइनैन ने भी कोरोना के बारे में अजीब सा बयान दिया।

ट्रम्प के मुख्य आर्थिक सलाहकार लारी कुडलो ने स्वीकार किया कि ट्रम्प ने अपनी बेटी इवांका को 15 मिलियन नौकरियों के अवसर पैदा करने का क्रेडिट देने के चक्कर में एक बिज़नेस रेस्क्यु प्रोग्राम को नाकाम करवा दिया।

वाइट हाउस में ट्रम्प प्रेस कान्फ़्रेन्स में पत्रकारों से जिस तरह भिड़ गए उससे कहीं नहीं लगता कि एक दिन में कोरोना से अमरीका में 1800 से अधिक मौतों के बाद ट्रम्प को होश आ गया हो।

ट्रम्प प्रशासन के भीतर से अराजकता और विरोधाभास की जो सूचनाएं आ रही हैं उनसे महामारी के संबंध में वाइट हाउस के प्रयासों पर गंभीर सवालिया निशान लग जाता है। इन हालात में तो यह चिंता भी पैदा हो गई है कि दो ट्रिलियन डालर का जो रिलीफ़ बजट पास हुआ है उसके सही इस्तेमाल की निगरानी कर पाना ट्रम्प के बस की बात है भी या नहीं।

ट्रम्प ने कहा है कि रिलीफ़ बजट के प्रयोग की निगरानी के लिए स्पेशल इंसपेक्टर जनरल नियुक्त करने के प्रावधान को वह नज़रअंदाज़ करेंगे। यानी उन्हें जवाबदेह बनाने की जो ढांचागत कोशिश की जा रही है उसे वह नाकाम बनाने पर तुले हैं।

सोमवार को ट्रम्प ने हेल्थ एंड ह्युमन सर्विसेज़ इंसपेक्टर जनरल को निशाना बनाया जिसने यह ख़ुलासा किया था कि अमरीका के अस्पतालों में मुख्य प्रोटेक्टिव उपकरणों की भारी कमी है।

शुक्रवार की रात ट्रम्प ने इंटैलीजेन्स कम्युनिटी के इंसपेक्टर जनरल को भी बर्खास्त कर दिया जिसने कांग्रेस को यूक्रेन के मामले में ट्रम्प के ग़लत रवैए के बारे में एलर्ट कर दिया था।

महामारी अमरीका को अपने चंगुल में जकड़ रही है तो ट्रम्प बौखलाकर एसे क़दम उठा रहे हैं जिससे उनके ग़ैर ज़िम्मेदाराना बयानों पर पर्दा पड़ जाए जो उन्होंने कोरोना वायरस के बारे में दिए थे।

न्यूयार्क टाइम्ज़ ने मंगलवार को ख़ुलासा किया कि एक वरिष्ठ आर्थिक अधिकारी पीटर नावारो ने जनवरी महीने में ट्रम्प को मेमो भेजा था जिसमें चेतावनी दी थी कि कोरोना वायरस अमरीका में व्यापक रूप से फैल सकता है और इससे कई ट्रिलियन डालर का नुक़सान हो सकता है। ट्रम्प यह ज़ाहिर करने की कोशिश कर रहे हैं कि उन्होंने मेमो नहीं देखा था मगर उस समय के बयानों से साफ़ ज़ाहिर है कि ट्रम्प ने मेमो देखा भी था और इस पर उनको ग़ुस्सा भी बहुत आया था।

स्रोतः सीएनएन

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