May २२, २०२० १६:३८ Asia/Kolkata
  • ईरान कैसे फिलिस्तीनियों तक हथियार पहुंचाएगा? रूसी न्यूज़ एजेन्सी ने बताया रास्ता!

ईरान के वरिष्ठ नेता के ट्वीटर एकाउंट पर विश्व कुद्स दिवस के महत्व की ओर संकेत के साथ पश्चिमी तट में हथियार पहुंचाने की ज़रूरत पर बल दिया गया है।

ट्वीट में कहा गया है कि पश्चिमी तट को भी गज़्ज़ा की ही तरह सशस्त्र होना चाहिए। फिलिस्तीनियों की समस्याओं को जो एकमात्र चीज़ कम कर सकती है वह शक्ति है। अन्यथा सांठगांठ और समझौते से इस भेड़ियों की दरिंदगी और अत्याचारों में कमी नहीं होगी।

     ईरान के वरिष्ठ नेता का यह  बयान ऐसी दशा में सामने आया है कि जब फिलिस्तीनी प्रशासन के प्रमुख, महमूद अब्बास ने कहा है कि फिलिस्तीन इस्राईल और अमरीका के साथ किये गये सभी समझौतों से निकल रहा है क्योंकि तेलअबीब, फिलिस्तीनी इलाक़ों को, इस्राईल की योजना पर काम कर रहा है।

        स्पूतनिक न्यूज़ एजेन्सी ने राजनीतिक टीकाकर हसन हानीज़ादे से बात की है। सवाल यह है कि फिलिस्तीनी को हथियार देने के बारे में ईरान के वरिष्ठ नेता का बयान इलाक़े के हालात को कितना खराब कर सकता है?

      उन्होंने इस सवाल का जवाब देतेक हुए कहा कि वास्तव में पिछले 72 वर्षों से अर्थात इस्राईल के गठन से अब तक  फिलिस्तीन ने कई चरण देखे हैं। फिलिस्तीनी संगठन फत्ह और इस्राईल के बीच वार्ता हुई जिसके बाद ओस्लो समझौता हुआ जिसे 27 साल का समय गुज़र चुका है लेकिन इन समझौते का कोई परिणाम नहीं निकला है। समझौते के अनुसार सन 2005 में बैतुलमुकद्दस की राजधानी के साथ फिलिस्तीनी देश का गठन हो लेकिन उस तारीख को भी 15 वर्ष बीत गये हैं और इस्राईल अब भी इस राह में रुकावट खड़ी कर रहा है। इसके अलावा इस्राईल पश्चिमी तट के कई क्षेत्रों पर क़ब्ज़े की योजना बना रहा  है और ट्रम्प की ओर से सेंचुरी डील भी फिलिस्तीनी प्रशासन को अलग थलग करने के लिए थी यही वजह है कि अब हालात देख कर फिलिस्तीनियों की समझ में यह बात आ गयी है कि वार्ता करके फिलिस्तीनी देश का गठन संभव नहीं है इस लिए अब एक ही रास्ता है कि सारे फिलिस्तीनी एकजुट होकर अपना अधिकार वापस लेने का प्रयास करें। इलाके के हालात भी ठीक नहीं और अधिकांश अरब देश इस्राईल के साथ हैं। ईरान, सीरिया, इराक और लेबनान जैसे कुछ देशों को छोड़ कर फिलिस्तीनियों का साथ देने वाला कोई नहीं है इसी लिए उन्हें हथियारों की ज़रूरत है ताकि इस तरह से वह गज़्ज़ा और पश्चिमी तट में अपने हक़ के लिए लड़ सके। यही वजह है कि ईरान के वरिष्ठ नेता ने गज़्ज़ा और पश्चिमी तट के फिलिस्तीनियों को हथियार दिये जाने की बात कही है।

 

     सवाल यह है कि ईरान इन फिलिस्तीनियों तक हथियार पहंचाएगा कैसे? तो इसके जवाब में हसन हानीज़ादे कहते हैं कि फिलिस्तीनियों तक हथियार पहुंचाने के लिए जार्डन और मिस्र जैसे देश ईरान के काम आ सकते हैं। यह देश फिलिस्तीनियों तक हथियारों पहुंचाने में मदद कर सकते है। हमास और अन्य फिलिस्तीनियों तक हथियार पहुंचाने के लिए क्षेत्र के अरब देशों का सहयोग बहुत ज़रूरी है। इस समय तो जार्डन वादी और पश्चिमी तट के कुछ इलाक़ों को इस्राईल से जोड़ने की योजना पर इन देशों में बहुत अधिक मतभेद है और हो सकता है कि जार्डन इस्राईल विरोधी देश बन जाए। हालांकि जार्डन ने इस्राईल से सुरक्षा समझौता कर रखा है लेकिन जिस तरह से इस्राईल उसके इलाक़े पर क़ब्ज़ा करने की योजना बना रहा है उससे यह संभव है कि यह देश फिलिस्तीनियों तक हथियार पहुंचाने के मिशन में सहयोग पर तैयार हो जाए। Q.A. साभार, स्पूतनिक न्यूज़ एजेन्सी, पार्ट टूडे का सहमत होना ज़रूरी नहीं।  

 

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