May २८, २०२० १०:५३ Asia/Kolkata
  • मेरा दम घुट रहा है, मेरी गर्दन टूट रही है... अमरीकी पुलिस द्वारा इस्राईली स्टाइल में सरेआम काले व्यक्ति की हत्या के बाद हंगामा

मिनियापोलिस में अमरीकी पुलिस अधिकारियों ने एक निहत्थे काले व्यक्ति को गला घोंटकर और पीट-पीट कर मार डाला। पुलिस द्वारा लिंचिंग की तस्वीरें और वीडियो फ़ुटेज देखने के बाद इस शहर में लोग सड़कों पर निकल आए है, विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और आगज़नी के साथ दुकानों में लूटमार कर रहे हैं।

जॉर्ज फ़्लॉयड की पुलिस द्वारा निर्मम हत्या की वीडियो बड़े पैमाने पर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों का ग़ुस्सा फूट पड़ा और उनकी पुलिस के साथ हिंसक झड़पें शुरू हो गईं।

सोमवार की शाम को क़रीब 8 बजे शिकागो एवेन्यू साउथ के 3700 ब्लॉक स्थित कप फूड्स स्टोर से मिनियापोलिस पुलिस को एक फ़ोन किया गया। जिस व्यक्ति की शिकायत की गई थी वह एक काला आदमी था और उसका नाम जॉर्ज फ्लॉयड था। फ़्लॉयड पर कथित रूप से जाली दस्तावेज़ इस्तेमाल करने की कोशिश करने का आरोप था।

पुलिस का दावा है कि फ्लॉयड ने गिरफ्तारी का विरोध किया, जिसके कारण उन्हें ज़बरदस्ती हथकड़ी पहनाने और गिरफ़्तार करने की कोशिश की गई। हालांकि यह पूरी घटना एक राहगीर ने अपने कैमरे में क़ैद कर ली। 10 मिनट के इस वीडियो में देखा जा सकता है कि निहत्थे फ़्लॉयड पर पुलिस अधिकारी किस तरह से बर्बरता कर रहे हैं।

एक पुलिस अधिकारी जिसकी शनाख़्त डेरेक चौविन (बिल्ला नंबर: #1087) के रूप में की गई है, पीड़ित के गले को कम से कम सात मिनट तक अपने घुटने से दबाए रहता है, जबकि पीड़ित को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि मैं सांस नहीं ले पा रहा हूं, मेरा दम घुट रहा है और मेरी गर्दन टूट रही है। वह अपनी ज़िंदगी की भीख मांग रहा है। वहां मौजूद राहगीर तीन पुलिस अधिकारियों पर चिल्लाते हैं, लेकिन इस दौरान पीड़ित का शरीर प्रतिक्रिया देना बंद कर देता है और वह बेहोश हो जाता है, लेकिन इसके बावजूद अधिकारी पीड़ित की गर्दन को अपने घटुने से मज़बूती से दबाए रहता है।

आरोपी पुलिस अधिकारियों को वेतन भुगतान के साथ छुट्टी पर भेज दिया गया है और मामले को एफ़बीआई के हवाले कर दिया गया है।

यह अमरीका में इस तरह की कोई पहली घटना नहीं है, जहां श्वेत पुलिस अधिकारी निहत्थे अश्वेत नागरिकों को सरेआम बर्बरतापूर्वक मौत के घाट उतारते रहते हैं। इस तरह की अधिकांश घटनाओं में पुलिस अधिकारियों के ख़िलाफ़ कोई कार्यवाही भी नहीं होती है। ऐसा ही एक कुख्यात मामला एरिक गार्नर की हत्या का है, जिसमें किसी भी हत्यारे अधिकारी को सज़ा नहीं हुई। msm

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