May २९, २०२० १९:३७ Asia/Kolkata
  • अमरीकी आज़ादी का रूप, लाइव रिपोर्टिंग से अन्जान पुलिस ने रिपोर्टर को किया गिरफ्तार! वीडियो  सोशल मीडिया पर वायरल+वीडियो

अमरीकी पुलिस का अश्वेतों के खिलाफ भेदभावपूर्ण रवैया जारी है जिसकी एक मिसाल उस समय देखने को मिली जब अमरीकी पुलिस ने एक अश्वेत रिपोर्टर को रिपोर्टिंग के दौरान ही गिरफ्तार कर लिया।

     सीएनएन का एक रिपोर्टर, मिनेसोटा में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस के हिंसा के बारे में रिपोर्ट दे रहा था तभी पुलिस ने उसे कैमरे के सामने ही हिरासत में ले लिया।

     अमरीकी पुलिस ने शुक्रवार को  सीएनएन के अश्वेत रिपोर्टर " उमर खीमेन्ज़ "  और उनके साथ मौजूद टीम को रिपोर्टिंग करने की वजह से गिरफ्तार कर लिया और वह लोग अपना कार्ड दिखाते रह गये।

     यह गिरफ्तारी सीएनएन टीवी पर लाइव प्रसारित हुई जिसमें देखा जा सकता है कि पुलिस ने बिना कोई वजह बताए रिपोर्टर को गिरफ्तार कर लिया।

     गिरफ्तारी का यह वीडियो  सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और इससे अमरीका में प्रदर्शनकारियों का गुस्सा बढ़ रहा है जो पुलिस के हाथों बेहद बेरहमी से एक अश्वेत की हत्या के बाद प्रदर्शन कर रहे हैं।

 

     सीएनएन ने कहा है कि ऐसा लगता है कि पुलिस कर्मियों को यह पता नहीं था कि कैमरा चल रहा है और लाइव रिपोर्टिंग हो रही है।

     सीएनएन के रिपोर्टर ने मिनेसोटा नगर का जो दृश्य दिखाया है उससे पता चलता है कि यह इलाक़ा  युद्ध ग्रस्त क्षेत्र की तरह हो गया है, हर जगह तोड़ फोड़ की गयी है, इमारतों के शीशे तोड़ दिये गये हैं , दुकानों को लूट लिया गया है और पूरे शहर में पुलिस ही पुलिस है।

     गत सोमवार को अमरीकी पुलिस ने जार्ज फ्लोइड नामक एक 46 वर्षीय निहत्थे नागरिक को गिरफ्तार करते समय उसका गला घुटने से इतनी देर तक दबाए रखा कि उसकी मौत हो गयी जबकि वह चीख रहा था कि मेरा दम घुट रहा है मैं सांस नहीं ले पा रहा हूं।

     इस घटना के बाद अमरीका के कई शहरों में प्रदर्शन शुरु हो  गये लेकिन पुलिस ने हिंसा के साथ प्रदर्शनकारियों  का दमन करना चाहिए जिसके बाद हंगामे शुरु हो गये।

 

     अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने प्रदर्शनकारियों को गोली मारने का आदेश देने की धमकी दी जिसके बाद ट्वीटर ने उनके ट्वीट को सेंसर कर दिया जिस पर वह बेहद आक्रोशित हो गये।

     ट्वीटर का कहना है कि प्रदर्शनकारियों को गोली मारने का ट्रम्प का ट्वीट हिंसा का प्रचार है।

ट्रम्प ने एक आदेश पर हस्ताक्षर कर दिये हैं जिसके आधार पर ट्वीटर और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया को प्राप्त सुरक्षा सीमित हो जाएगी।

ट्वीटर और ट्रम्प के बीच विवाद में फेसबुक के मालिक मार्क ज़ुकरबर्ग ने अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प का समर्थन किया है। Q.A.

 

 

 

      

 

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