May २९, २०२० २२:२९ Asia/Kolkata
  • एक छोटे से वायरस के कारण पूरी दुनिया अभूतपूर्व संकट मेः गुटेरस

संयुक्त राष्ट्रसंघ के महासचिव ने कहा है कि एक छोटे से वायरस के कारण पूरी दुनिया एसे संकट से गुज़र रही है जिसे पहले नहीं देखा गया। 

एंटोनियो गुटेरस ने कहा है कि कोविड-19 महामारी पूरे विश्व में अकल्पनीय तबाही का कारण बन सकती है।  उन्होंने कहा कि इससे भीषण भूख और अकाल की शुरूआत भी हो सकती है। राष्ट्रसंघ के महासचिव के अनुसार कोरोना से उत्पन्न महामंदी का अगर सभी राष्ट्रों ने मिलजुलकर मुक़ाबला नहीं दिया तो वैश्विक उत्पादन में 8500 अरब डॉलर की कमी हो जाएगी।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने गुरुवार को विकास के लिए वित्तपोषण पर उच्च-स्तरीय कार्यक्रम में कहा कि हमें इससे बचना चाहिए।  उन्होंने कहा कि इस महामारी ने हमारी कमजोरी को सामने ला दिया है।  गुटेरस का कहना था कि हाल के दशकों की सभी तकनीकी और वैज्ञानिक प्रगति के बावजूद इस समय हम एक छोटे से वायरस के कारण एक अभूतपूर्व मानवीय संकट में हैं।  गुटेरेस ने कहा कि यदि हम अभी कार्रवाई नहीं करेंगे तो कोविड-19 महामारी, दुनिया भर में अकल्पनीय तबाही और पीड़ा की वजह बनेगी।  कोरोना से संसार में भयानक भूख और अकाल की स्थिति होगी।  इससे छह करोड़ से अधिक लोग अत्यधिक गरीबी में चले जाएंगे।  राष्ट्रसंघ के महासचिव का कहना था कि कोरोना वायरस से उत्पन्न संकट के कारण लगभग आधा वैश्विक कार्यबल अर्थात 1.6 अरब लोग, बिना किसी आजीविका के होंगे।बाद में जमैका के प्रधानमंत्री एंड्रयू होल्नेस और कनाडा के प्रधान मंत्री जस्टिन ट्रूडो के साथ एक वीडियो कांफ्रेन्सिंग के जरिये प्रेस कॉन्फ्रेंस में गुटेरेस ने कहा कि दुनिया कई बड़ी कमजोरियों से पीड़ित है जैसे कमजोर स्वास्थ्य प्रणाली, जलवायु परिवर्तन, असमानता का चरम स्तर आदि।  उन्होंने कहा कि हम इन कमजोरियों के संकेत अन्य जगहों पर भी देखते हैं, जैसे परमाणु प्रसार के बढ़ते जोखिम से लेकर साइबर स्पेस की अराजकता तक। इन चेतावनी को अनदेखा करना मूर्खतापूर्ण अहंकार है। हमारे अस्तित्व के खतरों से निपटने के लिए विनम्रता, एकता और एकजुटता की जरूरत है।ज्ञात रहे कि जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के अनुसार दुनिया भर में 58 लाख से अधिक लोग कोरोना वायरस से अबतक संक्रमित हो चुके हैं।  संसार में कोरोना वायरस के कारण अबतक 3 लाख 60 हज़ार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।

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