May ३०, २०२० १७:४२ Asia/Kolkata
  • अगर आप हमेशा कोरोना की खबरें पढ़ते हैं तो यह खबर ज़रूर पढ़ें!

एक ईरानी मनोवैज्ञानिक का कहना है कि कोरोना वायरस की खबरें हमेशा पढ़ते रहने से इन्सान के मस्तिष्क पर उसका प्रभाव पड़ता है।

     इर्ना न्यूज़ एजेन्सी से वार्ता में नरगिस नौरोज़ी ने कहा कि बार बार कोरोना की खबरें पढ़ने से दिल और दिमाग पर उसका असर होता है और इन्सान शक में फंस जाता है जो मानसिक और शारीरिक स्वास्थ के लिए हानिकारक होता है।

      उन्होंने कहा कि कोरोना के फैलाव के बाद बीमार होने के डर की वजह से बहुत से लोग हद से ज़्यादा हाथ पैर धोते हैं जिससे नुक़सान हो सकता है।

     उन्होंने कहा कि कोरोना से डर को खत्म  करने के लिए जो कुछ किया जाता है कभी कभी वह भी हद से ज़्यादा हो जाता है इस लिए कोरोना से बचाव के लिए उठाए जाने वाले क़दमों में भी सतर्कता की ज़रूरत है।

     उन्होंने कहा कि कोरोना से डर के प्रभाव से बचने का एक रास्ता यह है कि कोरोना के बारे में बार बार और लगातार खबरें देखने और सुनने से दूर रहे और इस बारे में सूचनाएं केवल भरोसेमंद  और सरकारी सूत्रों से ही लें , खासतौर पर सोशल मीडिया से मिलने वाली खबरों से दूर रहें।

     नरगिस नौरोज़ी ने कहा कि कोरोना के बारे में डराने वाली खबरें इन्सान के दिल और दिमाग पर बहुत बुरा प्रभाव डालती हैं इस लिए उनसे बचना ज़रूरी है।

     उन्होंने कहा कि कोरोना से डर और चिंता से बचने का एक रास्ता यह है कि हाथ पैर धोने और बचाव की चीज़े इस्तेमाल करने की वजह पर गौर किया जाए और बिना ज़रूरत इन चीज़ों को इस्तेमाल न किया जाए।

     इसके साथ ही इन्सान को वर्तमान समय में जीना चाहिए न कि भविष्य के बारे में सोच सोच कर चिंता में पड़ना चाहिए। तो अगर वर्तमान समय में उसे बीमारी नहीं है तो उसे बीमारी से बचाव का सही तरीका अपनाना चाहिए और यह सब नहीं सोचना चाहिए कि अगर बीमारी हो गयी तो क्या होगा?

     याद रहे दुनिया भर में कोरोना के फैलाव के बाद बहुत से देशों में लोग मानसिक बीमारियों में ग्रस्त हो गये हैं और पारिवारिक झगड़े और यहां तक कि आत्महत्या के मामले बढ़ गये। Q.A.

 

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