Jun ०१, २०२० २०:५४ Asia/Kolkata

दिलचस्प बात यह है कि व्हाइट हाउस ने लगभग दो वर्षों से फ्रांस में जारी विरोध-प्रदर्शनों और अशांति पर कई बार अपने बयानों के ज़रिए एलीज़े पैलेस मज़ाक बनाया है। अमेरिका में खुले तौर पर आजकल मानवधिकारों की उड़ाई जा रही धज्जियों के आगे यूरोपीय देशों की चुप्पी, एक बार यह साबित करती हैं कि पश्चिमी देशों की मानवाधिकारों को लेकर संवेदनशीलता वास्तविक्ता से दूर केवल दिखावटी है।

टैग्स

कमेंट्स