Jun ०२, २०२० ०९:५१ Asia/Kolkata
  • उस बंकर के बारे में कुछ बातें जहां हिंसक प्रदर्शनों के दौरान जाकर छिप गए थे ट्रम्प

अमरीकी राष्ट्रपति सुरक्षा विभाग ने शुक्रवार को डोनल्ड ट्रम्प को रात के समय वाइट हाउस के ख़ुफ़िया बंकर में छिपा दिया था। यह ख़ुफ़िया बंकर क्या है?

टाइम मैगज़ीन ने लिखा कि ट्रम्प ने लगभग एक घंटा ख़ुफ़िया बंकर में गुज़ारा जो आतंकी हमलों जैसी आपात स्थिति के लिए बनाया गया है। सीएनएन ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि ट्रम्प की पत्नी मिलानिया और उनके 14 वर्षीय बेटे बारोन को भी ख़ुफ़िया बंकर में ले जाकर छिपाया गया।

जब वाइट हाउस के बाहर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों में झड़पें तेज़ हो गईं और प्रदर्शनकारी उन रुकावटों को हटाने में कामयाब हो गए जो सुरक्षा बलों ने बैरीकेड के रूप में लगाई थीं तो वाइट हाउस के स्टाफ़ में खलबली मच गई।

ख़ुद ट्रम्प भी बुरी तरह डर गए थे। इसीलिए उन्होंने अगले दिन ख़ुफ़िया सर्विसेज़ की तारीफ़ की जिन्होंने ट्रम्प और उनके परिवार को ख़ुफ़िया बंकर में ले जाकर छिपाया था।

अमरीका के राष्ट्रपति के लिए बनाए गए इस ख़ुफ़िया बंकर का नाम राष्ट्रपति आपात आप्रेशन सेंटर है। यह तहख़ाने में बनाया गया सेंटर है जो वाइट हाउस के पूर्वी भाग के नीचे बनाया गया है। यह बंकर युद्ध या आतंकी हमलों जैसे आपात हालात में अमरीकी राष्ट्रपति और अन्य महत्वपूर्ण हस्तियों के संपर्क केन्द्र के रूप में काम करता है।

इस बंकर में टेली कम्युनिकेशन के अत्याधुनिक सिस्टम लगाए गए हैं।

वाइट हाउस में पहला बंकर दूसरे विश्व युद्ध के दौरान बनाया गया था जिसका मक़सद वाशिंग्टन पर वायु हमला हो जाने की स्थिति में तत्कालीन राष्ट्रपति फ़्रैंकलिन रोज़वेल्ट को बचाना था।

 

जब 11 सितम्बर 2001 के आतंकी हमले हुए तो तत्कालीन उप राष्ट्रपति डिक चेनी, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार कांडोलीज़ा राइस और अन्य हस्तियों को इसी बंकर में पहुंचा दिया गया था। आतंकी हमलों के समय राष्ट्रपति जार्ज बुश फ़्लोरीडा में थे।

हालीवुड की कई फ़िल्मों ने भी राष्ट्रपति और उनके सहयोगियों को ख़ुफ़िया बंकर में छिपाए जाने की घटनाओं को प्रदर्शित किया है।

मार्च 2004 में प्रकाशित होने वाली रिचर्ड क्लार्क की किताब में ख़ुफ़िया बंकर का उल्लेख किया गया है। रिचर्ड क्लार्क राष्ट्रपति जार्ज बुश के आतंकवाद निरोधक मामलों के सलाहकार थे। किताब में बताया गया है कि किस तरह वाइट हाउस के वरिष्ठ अधिकारी 11 सितम्बर के हमलों के समय ख़ुफ़िया बंकर में छिपे हुए थे और वहीं से पूरे संकट पर नज़र रख रहे थे।

स्रोतः अमरीकी मीडिया+अलजज़ीरा

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