Jun ०२, २०२० ०९:५५ Asia/Kolkata
  • सरकारी डॉक्टर ने भी माना फ़्लॉयड की हत्या हुई है, ट्रम्प लाशों पर खड़े होकर सियासत कर रहे हैं

अमरीकी पुलिस की दरिंदगी का शिकार होकर अपनी जान से हाथ धोने वाले अफ़्रीक़ी मूल के अमरीकी नागरिक जॉर्ज फ़्लॉयड के स्वतंत्र रूप से कराए गए पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट सामने आने के बाद से अमरीका में हिंसा और विरोध प्रदर्शनों में तेज़ी आ गई है।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में साफ़ कहा गया है कि फ़्लॉयड की मौत, गर्दन और कमर पर दबाव पड़ने से होने वाली ऑक्सीजन की कमी और दम घुटने से हुई है।

पोस्टमार्टम की यह रिपोर्ट सामने आने के कुछ ही घंटों के बाद मिनियापोलिस के सरकारी डॉक्टर ने भी जॉर्ज फ़्लॉयड की मौत को हत्या क़रार दे दिया है।

ग़ौरतलब है कि पुलिस अधिकारियों के हाथों निहत्थे फ़्लॉयड की हत्या का वीडियो वायरल होने के बाद से अमरीका जल रहा है और लोग सड़कों पर निकलकर सरकारी स्तर पर काले नागरिकों के ख़िलाफ़ होने वाले भेदभाव पर अपना ग़ुस्सा ज़ाहिर कर रहे हैं।

इस वीडियो में देखा जा सकता है कि तीन पुलिस अधिकारियों ने फ़्लॉयड को सड़क पर गिराकर बुरी तरह से जकड़ रखा है और उनमें से एक डेरेक चॉविन ने उनकी गर्दन को कई मिनट तक घटने से दबाए रखा, यहां तक कि रहम और ज़िंदगी की भीख मांगते मांगते फ़्लॉयड का शरीर बेहिस हो गया।

इससे पहले मिनियोपोलिस शहर की पुलिस ने अपनी जांच रिपोर्ट में दावा किया था कि गले पर दबाव पड़ने के कारण दम घुटने का कोई सुबूत नहीं मिला है।

फ़्लॉयड की दर्दनाक मौत के बाद पूरे अमरीका में पिछले एक हफ़्ते से हिंसक झड़पें और विरोध प्रदर्शन जारी हैं, जिसके बाद राजधानी वाशिंगटन और न्यूयॉर्क समेत 75 शहरों में कर्फ़्यू की घोषणा की गई है।

इस दौरान, अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प पर आरोप है कि अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए वे शांतिपूर्ण विरोध करने वालों पर फ़ायरिंग करने और कुत्ते छोड़ने जैसी बेतुकी बातों से हिंसा को और बढ़ावा दे रहे हैं।

सोमवार को ट्रम्प ने राज्यों के गवर्नरों को धमकी देते हुए कहा है कि प्रदर्शनकारियों से सख़्ती से निबटा जाए, वरना वे सेना को तैनात कर देंगे।

आलोचकों का कहना है कि राष्ट्रपति ट्रंप समाज में विभाजन पैदा कर रहे हैं और अशांति की लहरों पर सवार होकर आगामी राष्ट्रपति चुनाव का प्रचार कर रहे हैं।

ग़ौरतलब है कि सोमवार को ट्रम्प व्हाइट हाउस में एक संक्षिप्त बयान देने के बाद, पैदल चलकर पास ही स्थित एक चर्च में गए और वहां बाइबल हाथ में लेकर फ़ोटो शूट करवाया।

इससे पहले व्हाइट हाउस से इस चर्च तक जाने वाली सड़क पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुई थीं, जिसमें चर्च को भी नुक़सान पहुंचा था।

चर्च के सामने हाथ में बाइबल उठाकर अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने पत्रकारों से कहा, दुनिया में हमारा देश सबसे महान था और हम इसे अच्छा और सुरक्षित रखेंगे।

ट्रम्प की इस हरकत पर सोशल मीडिया पर उनकी जमकर आलोचना हो रही है, यहां तक कि चर्च के पादरी ने भी अपने राजनीतिक हित के लिए धार्मिक ग्रंथ के इस्तेमाल की निंदा की है। msm

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