Jul ०१, २०२० ०८:५४ Asia/Kolkata
  • सुरक्षा परिषद की ऑनलाइन बैठक, अमरीका को फिर मुंह की खानी पड़ी, जानिए परमाणु समझौते पर किस देश ने क्या कहा?

संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद के सदस्यों ने मंगलवार को अपनी ऑनलाइन बैठक में परमाणु समझौते को संपूर्ण व प्रभावी ढंग से लागू किए जाने पर ज़ोर दिया है।

परमाणु समझौते से संबंधित सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव नंबर 2231 के क्रियान्वयन के बारे में राष्ट्र संघ के महासचिव की रिपोर्ट की समीक्षा के लिए सुरक्षा परिषद के स्थायी व अस्थायी सदस्यों की मंगलवार को ऑनलाइन बैठक हुई जिसमें परमाणु समझौते को पूरी तरह से लागू किए जाने पर बल दिया गया। राष्ट्र संघ में जर्मनी के प्रतिनिधि क्रिस्टोफ़र हसगन ने इस समझौते को कूटनीति का शाहकार बताया और इसकी रक्षा पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यूरोपी ट्राॅयका यानी जर्मनी, ब्रिटेन और फ़्रान्स, ईरान के ख़िलाफ़ प्रतिबंध बहाल करने के अमरीका के प्रस्ताव के विरोधी हैं। उन्होंने इस समझौते से अमरीका के निकल जाने को ग़ैर क़ानूनी क़दम बताया।

 

संयुक्त राष्ट्र संघ में ब्रिटेन के प्रतिनिधि जोनाथन एलेन ने भी जेसीपीओए या परमाणु समझौते से अमरीका के एकपक्षीय रूप से निकल जाने और उसकी ओर से ईरान पर परमाणु प्रतिबंध दोबारा लगा दिए जाने को खेदजनक बताया। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ किया गया परमाणु समझौता, परमाणु हथियारों के अप्रसार की व्यवस्था में सबसे अच्छा समाधान है।

 

राष्ट्र संघ में रूस के स्थायी प्रतिनिधि वासेली नेबेंज़िया ने भी ईरान के ख़िलाफ़ हथियारों के प्रतिबंध की समय सीमा बढ़ाने के अमरीका के प्रस्ताव को कोरी कल्पना बताया और कहा कि अमरीका एकपक्षीय प्रतिबंध लगा कर अन्य देशों की राय को कोई अहमियत नहीं देता, इस लिए माॅस्को को ईरान के हालात और तेहरान के संबंध में वाॅशिंग्टन के रवैये पर चिंता है।

 

राष्ट्र संघ में बेल्जियम के प्रतिनिधि मार्क पेस्टिन डिबायसोर ने इस बात पर बल देते हुए कि प्रस्ताव नंबर 2231 की सुरक्षा परिषद के सभी सदस्यों ने पुष्टि की है और विश्व समुदाय ने भी लगभग सर्वसम्मति से इसका समर्थन किया है, कहा कि अमरीका के प्रतिबंध, इस प्रस्ताव को लागू करने के लिए परिषद के सदस्यों की प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के मार्ग में रुकावट हैं।

 

इस ऑनलाइन बैठक में चीन के प्रतिनिधि कहा कि वर्तमान संकट की जड़, परमाणु समझौते से अमरीका का निकलना और ईरान के ख़िलाफ़ एकपक्षीय प्रतिबंध लगाना है। उन्होंने कहा कि हम अमरीका से मांग करते हैं कि वह अपनी ग़ैर क़ानूनी पाबंदियों को समाप्त करे और परमाणु समझौते को लागू करने के मार्ग पर लौट आए।

 

याद रहे कि सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव नंबर 2231 के क्रियान्वयन की स्थिति के बारे में संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव अंटोनियो गुटेरस की नवीं रिपोर्ट की समीक्षा के लिए मंगलवार को इस परिषद के स्थायी व अस्थायी सदस्यों की बैठक हुई। अमरीका दो साल पहले ही परमाणु समझौते से बाहर निकल चुका है लेकिन उसका दावा है कि सुरक्षा परिषद के इस प्रस्ताव के अंतर्गत वह अब भी परमाणु समझौते में शामिल है। (HN)

ताज़ातरीन ख़बरों, समीक्षाओं और आर्टिकल्ज़ के लिए हमारा फ़ेसबुक पेज लाइक कीजिए!

हमारा व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करने के लिए क्लिक कीजिए

टैग्स

कमेंट्स