Jul ०६, २०२० १५:२६ Asia/Kolkata
  • अमरीका, 14 साल के काले लड़के को करंट लगाकर दी गई थी मौत की सज़ा, 70 साल बाद निर्दोष साबित

सन् 1944 में एक अमरीकी अदालत ने सिर्फ़ 14 साल के अश्वेत लड़के को बग़ैर किसी सुबूत के हत्या का दोषी ठहराते हुए मौत की सज़ा सुना दी थी, जिसके बाद इलेक्ट्रिक कुर्सी पर करंट लगाकर सज़ा पर अमल किया गया, लेकिन अब 70 साल बाद दक्षिणी कैरोलीना की एक अदालत ने उसे आरोप में मुक्त करते हुए निर्दोष बताया है।

इससे पता चलता है कि अमरीका में नस्लभेद की जड़े कितनी गहरी हैं और कितने बड़े पैमाने पर अफ़्रीक़ी मूल के अमरीकी नागरिकों के साथ भेदभाव किया जाता है।

1944 में अमरीका की एक अदालत ने बग़ैर सुबूतों के 14 वर्षीय जॉर्ज स्टिनी को हत्या के आरोप में दोषी ठहरा दिया था। अदालत ने स्टिनी को इलेक्ट्रिक कुर्सी पर बैठाकर मौत की सज़ा देने का आदेश दिया। लेकिन वर्षों के बाद अब अमरीका की ही एक अदालत ने उन्हें निर्दोष क़रार दिया है।

वास्तव में स्टिनी पर दो व्हाइट लड़कियों को क़त्ल करने का आरोप लगा था, लेकिन इस आरोप को सही ठहराने के लिए न कोई सुबूत था और न ही कोई गवाह, इसके बावजूद सिर्फ़ 3 घंटे तक चलने वाले मुक़दमे में उन्हें दोषी ठहराकर मौत की सज़ा सुना दी गई थी।

20वीं शताब्दी में अमरीका में फांसी पर चढ़ने वाला यह सबसे कम उम्र बच्चा था। फांसी देने वालों का कहना था कि बच्चे के लिए इलेक्ट्रिक कुर्सी का साइज़ काफ़ी बड़ा था और हाथों को बांधने वाले तस्में भी काफ़ी बड़े थे। msm

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