Jul ११, २०२० १६:४१ Asia/Kolkata
  • सिर्फ़ भारत ही नहीं, अमरीका में भी जानवरों का बन जाता है वोटर आई-कार्ड

अटलांटा का एक परिवार, अपनी पालतू बिल्ली के लिए मतदाता पंजीकरण आवेदन प्राप्त करके हैरत में है, वह भी ऐसी बिल्ली जिसकी 12 साल पहले मौत हो चुकी है।

इससे पता चलता है कि अमरीका में चुनावों में किस प्रकार की धोखाधड़ी की जाती है।

कोडी टिम्स 18 वर्ष की एक प्यारी सी पालतू बिल्ली थी, जिसकी 12 साल पहले मौत हो गई थी। उसे इस सप्ताह के शुरू में मेल-इन वोटिंग के लिए पंजीकरण करने का आवेदन मिला। उसके मालिक टिम्स परिवार के अनुसार, नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के लिए मेल-इन वोटिंग पंजीकरण के इस आवेदन से पूरी प्रक्रिया पर सवालिया निशान लग गया है।

इस घटना के बाद अमरीका में सोशल मीडिया पर एक बहस छिड़ गई है और लोग जमकर कटाक्ष कर रहे हैं। एक व्यक्ति ने ट्वीट कियाः राष्ट्रपति ट्रम्प का इंसानों से भरोसा उठ चुका है, इसलिए चुनाव जीतने के लिए वह जानवरों का समर्थन हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं।

हालांकि डेमोक्रेट लंबे समय से अमरीका में चुनाव में होने वाली धोखाधड़ी जैसी महत्वपूर्ण समस्या से इनकार करते रहे हैं और उन्होंने कोरोना वायरस महामारी का हवाला देते हुए बैलट पर मतदान के बजाए मेल-इन वोटिंग का समर्थन किया है, लेकिन ट्रम्प प्रशासन ने मेल-इन वोटिंग में धोखाधड़ी की संभावना का रोना रोया है।

मेल-इन चुनाव की आलोचना करने वालों का कहना है कि इस प्रक्रिया में मतदाताओं की पहचान को सत्यापित नहीं किया जा सकता। msm

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