Jul १४, २०२० १३:२६ Asia/Kolkata
  • अमरीकी विमान वाहक युद्धपोत में धमाका व आग कहीं सुपर पॉवर को तमांचा तो नहीं? किसने लिया है बदला? यह रहीं चार संभावनाएं!  

पिछली रात अमरीका के विमानवाहक युद्ध पोत यूएसएस बोनहाम रिचर्ड में अचानक आग लग गयी। इतनी महत्वपूर्ण घटना के बावजूद अमरीकी रक्षा मंत्रालय या नौसेना ने स्पष्ट रूप से यह नहीं बताया कि सैनिक और सुरक्षित क्षेत्र में होने वाली इस घटना का कारण क्या है?

यह अपने आप में एक असाधारण घटना है लेकिन अमरीकी सरकार की गोपनीयता बनाने की कोशिश की वजह से इस संदर्भ में बहुत से सवाल पैदा हो रहे हैं।

    अमरीका में बोनहाम रिचर्ड युद्धपोत में आग लगने के बारे में अब तक विभिन्न अनुमान लगाए जा चुके हैं लेकिन अमरीका में सरकारी हल्क़ों में चुप्पी छायी है। विशेषज्ञों के अनुसार इस घटना के कारणों के बारे में 4 संभावनाएं हो सकती हैं।

पहली संभावना  यह है कि अमरीका में नस्लभेद के खिलाफ होने वाले हालिया प्रदर्शनों के दौरान अमरीकी सेना की दमनकारी कार्यवाहियों की वजह से सेना में ही मौजूद कुछ विरोधियों ने विमानवाहक युद्धपोत में आग लगा दी हो। निश्चित रूप से जिस तरह से अमरीका में प्रदर्शनकारियों का दमन जारी है उनके मद्देनज़र इस बात की आशंका भी है कि अमरीका के दूसरे क्षेत्रों में भी इसी प्रकार की घटनाएं घटें।  

दूसरी संभावना यह है कि चूंकि अमरीका में राष्ट्रपति चुनाव निकट हैं और इस देश के हालात और ट्रम्प के परस्पर विरोधी व्यवहार की वजह से चुनाव परिणाम  के बारे में अनुमान लगाना बेहद कठिन हो गय है इस लिए दलगत राजनीति और टकराव के तहत इस प्रकार की कार्यवाहियों की संभावना को खारिज नहीं किया जा सकता। विशेषकर इस लिए भी कि अमरीका के इतिहास में राष्ट्रपति चुनाव से पहले इस तरह की घटनाएं घट चुकी हैं।

 

तीसरी संभावना यह है कि चूंकि अमरीका में हालिया दिनों में व्यापक स्तर पर विरोध प्रदर्शन हुए हैं उसके साथ ही कोरोना के फैलाव को रोकने में असमर्थता और देश की बुरी आर्थिक दशा के लिए भी ट्रम्प की आलोचना हो रही है इस लिए राष्ट्रपति चुनाव में उनकी सफलता की संभावना तेज़ी के साथ कम और जो बाइडन की जीत की संभावना बढ़ती जा रही है। जो बाइडन, सात फीसद से ट्रम्प से आगे बढ़ चुके हैं।

     इन हालात में अमरीका के विमानवाहक युद्धपोत में धमाका और आग ट्रम्प सरकार की तरफ से हालात को नियंत्रण में रखने की किसी कोशिश का परिणाम भी हो सकती है। क्योंकि इस तरह से ट्रम्प को तनाव के दौरान विरोधियों के दमन का अच्छा अवसर मिलेगा विशेष कर इस लिए भी कि ट्रम्प ने अब तक यही साबित किया है कि वह अपनी पोज़ीशन मज़बूत करने के लिए कुछ भी कर सकते हैं।

चौथी संभावना यह है कि अमरीका के विमानवाहक युद्धपोत में धमाका और आग किसी साइबर अटैक या गुप्त कार्यवाही का परिणाम भी हो सकता है। क्योंकि अमरीकी सरकार, अन्य देशों के खिलाफ इस तरह का काम कर चुकी है इस लिए उसे भी जवाबी कार्यवाही के लिए तैयार ही रहना चाहिए था इस लिए यह भी संभव है कि किसी देश की सरकार या गुट ने अमरीका को जवाब देते हुए यह कार्यवाही की हो।

 

इन सब के दौरान चिंता की बात यह है कि इस तरह की अतीत में घटने वाली घटनाओं में अमरीका का रवैया खामोशी का रहा है और उसने हमेशा इस तरह की घटनाओं के कारणों पर बेहद गोपनीयता रखी है। इस तरह की एक घटना अमरीका के जासूसी विमान E-11A की दुर्घटना है।  जनरवरी में यह जासूसी करने वाला जहाज़ अफगानिस्तान के गज़नी प्रान्त में गिर कर तबाह हो गया था  लेकिन अब तक अमरीका ने इस दुर्घटना के बारे में कुछ नहीं बताया। उस समय कहा गया था कि इस अमरीकी विमान में अमरीका के बेहद वरिष्ठ अधिकारी सवार थे। कहा जाता है कि उस विमान में ईरान के जनरल सुलैमानी की हत्या की योजना तैयार करने वाले सीआईए के वरिष्ठ अधिकारी  माइकल दि एंड्रा  सवार थे जिन्हें आयतुल्लाह माइक कहा जाता था।

अमरीका ने इस पूरी घटना पर अब तक चुप्पी साथ रखी है। Q.A.

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