Jul १५, २०२० १६:३८ Asia/Kolkata
  • सदी के आख़िर तक 20 से ज़्यादा देशों की आबादी घटकर आधी से भी कम रह जाएगी

एक ताज़ा रिसर्च के मुताबिक़, वर्ष 2100 तक इटली, जापान, पोलैंड, पुर्तगाल, दक्षिण कोरिया, स्पेन और थाईलैंड समेत दुनिया के 20 से ज़्यादा देशों की जनसंख्या आधी से भी कम रह जाएगी।

इस समय दुनिया में सबसे ज़्यादा आबादी वाले देश चीन की आबादी एक अरब 40 करोड़ है, जो अगले 80 वर्षों में घटकर 73 करोड़ रह जाएगी।

बुधवार को द लैंसेट में प्रकाशित शोधकर्ताओं की एक अंतरराष्ट्रीय टीम के अध्ययन में कहा गया है कि 2100 में ज़मीन पर 8.8 अरब लोग होंगे, अर्थात संयुक्त राष्ट्र संघ के ताज़ा अनुमानों से दो अरब कम।

हालांकि अफ़्रीक़ी देशों की आबादी तीन गुना बढ़ जाएगी, नाइजीरिया की आबादी बढ़कर 80 करोड़ हो जाएगी। जो भारत (1 अरब 10 करोड़) के बाद दूसरा सबसे अधिक आबादी वाला देश होगा।

जहां यह पर्यावरण के लिए एक अच्छी ख़बर है, वहीं ज़मीन पर खाने के लिए उगाई जाने वाली सामग्री का बोझ कम हो जाएगा।

ग़ैर अफ़्रीक़ी देशों में आबादी घटने के कारण, श्रम बल में कमी आएगी, जिसका उनकी अर्थव्यवस्था पर असर पड़ेगा।

इसी के साथ पांच से कम उम्र के बच्चों की संख्या 40 प्रतिशत से अधिक घटने का अनुमान है, 2017 में 681 मिलियन से 2100 में 401 मिलियन तक रह जाएगी।

दूसरी ओर वैश्विक आबादी का एक चौथाई से अधिक यानी 2.37 अरब लोग, 65 वर्ष से अधिक उम्र के होंगे। 80 से अधिक उम्र वाले लोगों की संख्या जो आज लगभग 140 मिलियन है, बढ़कर 866 मिलियन तक हो जाएगी।

काम करने वालों की संख्या और अनुपात में भारी गिरावट से कई देशों को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

मिसाल के तौर पर, चीन में काम करने वाले लोगों की संख्या जो आज लगभग 950 मिलियन है, वह सदी के आख़िर तक घटकर लगभग 350 मिलियन रह जाएगी, यानी इसमें 62 प्रतिशत तक की कमी होगी। msm

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