Jul २५, २०२० १९:५५ Asia/Kolkata

​​​​​​​वह महान पुस्तक जिसकी सच्चाई में कोई शंका नहीं है, पवित्र तथा नेक लोगों की ही मार्गदर्शक है।

हम क़ुरआन के प्रकाश को उसी समय अपने हृदय में उतार सकते हैं जब हम वास्तविकताओं को स्वीकार करने के लिए तैयार हों। जी हां प्रकाश, उज्जवल शीशे से पार हो सकता है ईंट और मिट्टी से नहीं।

 

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