Aug ०९, २०२० २१:४३ Asia/Kolkata
  • कश्मीर मुद्दे पर सऊदी अरब और पाकिस्तान में ठनी, रियाज़ ने इस्लामाबाद के लिए तेल सप्लाई रोकी

भारत प्रशासित कश्मीर के मुद्दे पर इस्लामी देशों के संगठन ओआईसी की बैठक के मार्ग में रुकावटें डालने को लेकर सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं।

पाकिस्तान की आपत्ति के बाद, रियाज़ ने इस्लामाबाद के लिए तेल की आपूर्ति रोकने का एलान किया है।

2018 में पाकिस्तान ने सऊदी अरब से 6.2 अरब डॉलर का लोन लिया था, जिसमें एक साल में 3.2 अरब डॉलर का तेल उधार देने का प्रावधान था।

शनिवार को पाकिस्तानी मीडिया ने कहा था कि यह प्रावधान दो महीने पहले ही समाप्त हो चुका है और सऊदी अरब ने इसे आगे नहीं बढ़ाने का फ़ैसला किया है।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक़, पाकिस्तान ने भुगतान की तारीख़ से चार महीने पहले ही एक अरब डॉलर का भुगतान कर दिया था।

हाल ही में पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने धमकी दी कि अगर सऊदी अरब के नेतृत्व वाले ओआईसी ने कश्मीर मुद्दे पर विदेश मंत्रियों की बैठक का आयोजन नहीं किया तो प्रधान मंत्री इमरान ख़ान ख़ुदी ही अपने सहयोगी इस्लामी देशों की बैठक के आयोजन की पहल करेंगे।

बुधवार को एआरवाई टीवी चैनल को इंटरव्यू देते हुए क़ुरैशी ने कहा था कि हम बाबरी मस्जिद, कश्मीर और फ़िलिस्तीन जैसे मुद्दों पर पिछले एक साल से ओआईसी की बैठक की मांग कर रहे हैं, लेकिन ओआईसी ने चुप्पी साध रखी है।

बुधवार पांच अगस्त को कश्मीर से धारा 370 हटाने की पहली बरसी के अवसर भारतीय प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने बाबरी मस्जिद के स्थान पर राम मंदिर की बुनियाद रखी थी।

57 सदस्यों वाला ओआईसी संयुक्त राष्ट्र संघ के बाद, दुनिया का सबसे बड़ा संगठन है, जिसका मुख्यालय सऊदी अरब के जेद्दाह शहर में स्थित है।

दिसम्बर 2019 में कश्मीर और दुनिया भर के मुसलमानों के प्रमुख मुद्दों पर मलेशिया की राजधानी कुआला-लम्पुर में मुस्लिम देशों के सम्मेलन का आयोजन किया था, जिसका सऊदी अरब ने जमकर विरोध किया था।

सऊदी अरब के दबाव में पाकिस्तानी प्रधान मंत्री इमरान ख़ान भी इस सम्मेलन में शामिल नहीं हुए थे, जबकि वह इस सम्मेलन का प्रस्ताव देने वाले मुख्य नेताओं में से एक थे। msm

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