Sep १७, २०२० ०९:०३ Asia/Kolkata
  • क्या अमेरिका अब संयुक्त राष्ट्र संघ से भी निकल जाएगा? ट्रिगर मेकेनिज़म पर गुटेरेस ने ट्रम्प के दावों की निकाली हवा

संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव ने अमेरिका द्वारा ईरान के ख़िलाफ़ ट्रिगर मेकेनिज़म का इस्तेमाल करके यूएनओ के सभी प्रतिबंधों को दोबारा लगाए जाने के दावे पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि, हम जेसीपीओए के बारे में सुरक्षा परिषद के दृष्टिकोण के अनुसार काम अमल करेंगे।

समाचार एजेंसी तसनीम की रिपोर्ट के मुताबिक़, संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने बुधवार को इस वर्ष राष्ट्र संघ के 75वें महासभा सम्मेलन के आयोजन के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि, दुनिया भर में फैली कोरोना महामारी विशेषकर अमेरिका की ख़राब स्थिति को देखते हुए राष्ट्र संघ की वार्षिक महासभा इस साल साइबर स्पेस के माध्यम से आयोजित होगी। इस बीच जब एंटोनियो गुटेरेस से पत्रकारों ने यह सवाल किया कि, एक ओर अमेरिका यह दावा कर रहा है कि उसने ईरान के ख़िलाफ़ ट्रिगर मेकेनिज़म को सक्रिय कर दिया है जबकि दूसरी ओर सुरक्षा परिषद के लगभग सभी सदस्य इसका विरोध कर रहे हैं और वे जेसीपीओए के प्रति अपनी कटिबद्धता पर बाक़ी हैं, ऐसे में राष्ट्र संघ सुरक्षा परिषद के साथ सहयोग करेगा और राष्ट्र संघ में अमेरिका द्वारा फैलाई जा रही अराजकता को रोकने के लिए क्या करेंगे? संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव ने इन सवालों के जवाब में कहा कि, हमारा दृष्टिकोण पूरी तरह स्पष्ट है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ की ज़िम्मेदारी बनता है कि वह सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों की रक्षा करे। गुटेरेस ने कहा कि हम वैसे ही अमल करेंगे जैसे सुरक्षा परिषद अमल करेगा।

उल्लेखनीय है कि संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अमेरिका द्वारा एकपक्षीय तौर पर परमाणु समझौते से निकल जाने के बाद से अब तक हमेशा इस अंतर्राष्ट्रीय समझौते को बनाए रखने पर बल देते आए हैं। गुटेरेस इस इस समझौते को विनाशकारी हथियारों के प्रसार को रोकने में कूटनीतिक उपलब्धि के रूप में भी देखते हैं। वहीं बुधवार को संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव द्वारा दिया गया बयान इस बात को दर्शाता है कि यूएनओ का ईरान के ख़िलाफ़ किसी भी तरह के प्रतिबंध लगाने कोई इरादा नहीं है। इसका एक कारण यह भी है कि सुरक्षा परिषद के 13 सदस्य इस बात पर एकमत हैं कि अमेरिका, जो एकक्षीय तौर पर परमाणु समझौते से निकला गया था उसे अब ट्रिगर मेकेनिज़म के इस्तेमाल का कोई अधिकार नहीं है। याद रहे कि सुरक्षा परिषद में ईरान के मुक़ाबले में लगातार मिली हार से बौखलाया अमेरिका खिसयानी बिल्ली की तरह खंभे नोच रहा है और उन सभी देशों को धमकी दे रहा है कि जिन्होंने ईरान का साथ दिया है। इस बीच टीकाकारों का कहना है कि जिस तरह अमेरिका एक-एक करके सभी अंतर्राष्ट्रीय समझौतों और संस्थानों से बाहर निकल रहा है ऐसा लगता है कि राष्ट्र संघ के महासचिव के बयान के बाद वह अब इस संघ से भी बाहर निकलने के बारे में सोचने लगेगा!

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