Sep १८, २०२० २१:२६ Asia/Kolkata
  • यमनियों का ख़ून रंग लाया, यूरोप में सऊदी अरब पर हथियारों की पाबंदी लगाने की मांग उठी

यूरोपीय संसद ने सऊदी सरकार के विरोधी पत्रकार जमाल ख़ाशुक़्जी और यमनी जनता के जनसंहार के ज़िम्मेदार के रूप में सऊदी अरब के विरुद्ध हथियारों का प्रतिबंध लागू किए जाने की मांग की है।

यूरोपीय संघ के क़ानून निर्माण विभाग ने अपने समस्त सदस्यों से अपील है कि वह सऊदी सरकार के विरोधी पत्रकार जमाल ख़ाशुक़्जी और यमनी जनता के जनसंहार में सऊदी सरकार के लिप्त होने की वजह से आले सऊद सरकार के विरुद्ध हथियारों की पाबंदी लगाने और जर्मनी, फ़िनलैंड और डेनमार्क जैसी कार्यवाहियां अंजाम दे।

ज्ञात रहे कि सऊदी सरकार के विरोधी पत्रकार जमाल ख़ाशुक़्जी को 2 अक्तूबर 2018 को तुर्की के शहर इस्तांबोल में सऊदी वाणिज्य दूतावास के अंदर बहुत निर्दयता से मार डाला गया था।

दूसरी ओर यरोपीय संघ की ओर से हथियारों की सप्लाई से संबंधित एक रिपोर्ट गुरुवार को तैयार की गयी जिसमें इस बिन्दु की ओर संकेत भी किया गया है कि सऊदी गठबंधन में शामिल देश युद्ध में यमनी जनता के विरुद्ध यूरोपीहय देशों की ओर से दिए गये विभिन्न प्रकार के हथियारों का प्रयोग करते रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं और मानवाधिकारों के अंतर्राष्ट्रीय संगठनों ने अमरीका और उसके घटकों से बारम्बार यह मांग की है कि वह यमन के विरुद्ध हमलों और यमनी जनता के विरुद्ध यूरोपीय और अमरीकी हथियारों के प्रयोग की वजह से सऊदी गठबंधन के लिए हथियारों की सप्ताई बंद कर दें। (AK)

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