Sep २०, २०२० १७:१४ Asia/Kolkata

अमरीका के विदेश मंत्री माइक पोम्पेयो ने हास्यास्पद क़दम उठाते हुए एकपक्षीय रूप से ईरान के ख़िलाफ़ अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबंधों को पुनः लागू करने का एलान किया है।

ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने सुरक्षा परिषद को पत्र लिखकर कहा है कि परमाणु समझौते के आधार पर ईरान को प्रतिबंधों से दी गई छूट जारी रहेगी और ईरान पर एकपक्षीय रूप से लगाए जाने वाले प्रतिबंधों की कोई क़ानूनी हैसियत नहीं होगी।

ईरान के विदेश मंत्री जवाद ज़रीफ़ ने कहा कि पोम्पेयो की बयानबाज़ी ट्रम्प के चुनाव प्रचार से ज़्यादा कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि अमरीकी प्रतिबंधों का रूस या चीन से हथियार सौदे पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

ईरान ने अमरीका को चेतावनी दी है कि अगर उसने ईरान के समुद्री जहाज़ों की तलाशी लेने की कोशिश की तो उसे ख़मियाज़ा भुगतना पड़ सकता है।

संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिन एंटोनियो गुटेरस ने कहा कि प्रतिबंधों के बारे में सुरक्षा परिषद और सदस्य देशों ने कोई फ़ैसला नहीं किया है।

रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि ईरान के परमाणु मामले में अमरीका अपनी एकपक्षीय कार्यवाहियों से सुरक्षा परिषद को कमज़ोर कर रहा है।

पाकिस्तान में विपक्षी दलों ने सरकार के विरुद्ध मोर्चा मज़बूत करने के लिए बैठक आयोजित की जिसमें 12 दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

सीरिया की सरकारी समाचार एजेंसी का कहना है कि देश के अलजज़ीरा नामक इलाक़े से अमरीकी सैनिक तेल चोरी करके इराक़ पहुंचा रहे हैं।

भारत में सरकार के किसान बिलों से नाराज़ होकर प्रदर्शन शुरू कर दिया है और नेशनल हाइवे को बंद कर दिया है।

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